राम और शिव में बांट रहे : रेवंत रेड्डी के बयान पर BJP का कांग्रेस पर तीखा हमला
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के हालिया बयान ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री ने भगवान राम और भगवान शिव की आस्था को लेकर जो टिप्पणी की, उस पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

क्या कहा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने? एक कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि उत्तर और दक्षिण भारत में भगवानों के प्रति आस्था का स्वरूप अलग है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में भगवान राम की पूजा ज्यादा होती है, जबकि दक्षिण में भगवान शिव की आस्था प्रबल है। रेवंत ने खुद को शिव का भक्त बताते हुए सवाल उठाया कि बीजेपी केवल जय श्री राम का नारा क्यों लगाती है और प्रधानमंत्री मोदी हर-हर महादेव क्यों नहीं कहते?

बीजेपी का प्रहार: कांग्रेस को बताया मॉडर्न मुस्लिम लीग बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस बयान को हिंदुओं को बांटने की गहरी साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के तहत भगवान राम और शिव के भक्तों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रही है। भंडारी ने कांग्रेस को मॉडर्न मुस्लिम लीग की संज्ञा देते हुए कहा कि उनकी राजनीति का एकमात्र उद्देश्य तुष्टीकरण है।

इतिहास को लेकर बीजेपी का दावा प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड पर भी निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने अतीत में सोमनाथ मंदिर के निर्माण और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विरोध किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2018 में हर-हर महादेव का नारा लगाने पर कांग्रेस ने अपने ही तीन कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया था, जो पार्टी की हिंदू-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

धार्मिक तर्क से दिया जवाब बीजेपी प्रवक्ता ने रेवंत रेड्डी के तर्कों को खारिज करते हुए रामायण का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि लंका जाने से पहले भगवान राम ने स्वयं भगवान शिव की पूजा की थी। ऐसे में राम और शिव को अलग करके देखना या उनके भक्तों को बांटने की कोशिश करना हिंदुओं की आस्था का अपमान है।

बढ़ता सियासी घमासान तेलंगाना में धर्म और आस्था से जुड़े मुद्दों पर छिड़ी यह जंग अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। जहां कांग्रेस इसे क्षेत्रीय संस्कृति और अपनी राजनीतिक पहचान से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी इसे कांग्रेस की विभाजनकारी नीति बताकर हमलावर है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तूल पकड़ सकता है।

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