संत प्रेमानंद के शिष्य की खौफनाक मौत: चौथी मंजिल से कूदे या साजिश? पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले चौंकाने वाले राज
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मथुरा के वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य रसिक दुलारी शरण (दीपक लोधी) की मौत एक रहस्यमयी पहेली बन गई है। 25 सितंबर की सुबह गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर हुई उनकी मौत का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि रसिक दुलारी शरण 40 फीट की ऊंचाई से सीधे सड़क पर पैरों के बल गिरते हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनका सिर फट गया और सड़क पर खून फैल गया। घटना के वक्त वहां से गुजर रहे राहगीर और साइकिल सवार इस भयावह दृश्य को देखकर सन्न रह गए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले गंभीर जख्म

शनिवार देर शाम डॉक्टरों के पैनल द्वारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है। रिपोर्ट में सिर और कमर की चोटों के अलावा उनके प्राइवेट पार्ट पर भी गहरे कट के निशान पाए गए हैं। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक खून से सना इलेक्ट्रिक ग्राइंडर मिला है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि गिरने से पहले उन्होंने खुद को गंभीर चोट पहुंचाई थी।

परिवार के गंभीर आरोप: संपर्क काट दिया गया था

मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक लोधी के परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक की मां लौंग बाई और बहनोई सोनू पटेल का आरोप है कि दीक्षा लेने के बाद से ही उनके बेटे को परिवार से मिलने नहीं दिया जाता था। मां ने रोते हुए कहा, दो साल से बेटे से ठीक से बात नहीं हुई। उसका मोबाइल भी छीन लिया गया था। वह ऐसा कदम उठा ही नहीं सकता।

पुलिस की जांच: क्या है मौत की असली वजह?

वृंदावन पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से जब्त किए गए संदिग्ध सामान को जांच के लिए भेज दिया है। एसपी सिटी राजीव कुमार ने कहा कि परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अब मृतक के मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्स को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना से ठीक पहले वह किसके संपर्क में थे।

कौन थे रसिक दुलारी शरण?

दीपक लोधी (रसिक दुलारी शरण) करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे। वह आश्रम में बिजली के रखरखाव की सेवा संभालते थे। 3,000 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा कर चुके दीपक के बारे में परिवार का कहना है कि वे आध्यात्मिक रूप से काफी सक्रिय थे, जिससे उनके इस तरह के अंत पर कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, पूरे आश्रम और शहर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और हर कोई सच सामने आने का इंतजार कर रहा है।

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