राहुल मांगी मांगें तो बंद करूंगा धोखेबाज कहना , राजीव चंद्रशेखर का वीडी सतीशन पर पलटवार
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केरल की राजनीति में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर छिड़ा सियासी घमासान अब व्यक्तिगत आरोपों के दौर में बदल गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव चंद्रशेखर और कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन के बीच तीखी जुबानी जंग तेज हो गई है।

क्या है राहुल गांधी पर विवाद? पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें भारत का सबसे बड़ा धोखेबाज करार दिया। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और समाज को बांटने वाली नीतियों के कारण ही देश की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर किया है। उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का भी आरोप लगाया।

वीडी सतीशन ने जताई आपत्ति इस बयान पर कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल स्वस्थ राजनीति नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठाए, जिसके बाद चंद्रशेखर ने मोर्चा खोल दिया।

चंद्रशेखर का दो टूक जवाब आलोचनाओं का जवाब देते हुए राजीव चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि उन्हें राहुल गांधी को धोखेबाज कहने में कोई संकोच नहीं है। उन्होंने कहा, जब तक राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ झूठ फैलाना और अपमानजनक टिप्पणियां करना बंद नहीं करेंगे, तब तक मैं उनके कृत्यों को बेनकाब करता रहूंगा।

माफी की शर्त पर खत्म होगा विवाद राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस के सामने एक सीधी शर्त रखी है। उन्होंने कहा, यदि कांग्रेस वास्तव में राजनीतिक भाषा की मर्यादा को लेकर गंभीर है, तो पहले राहुल गांधी से प्रधानमंत्री मोदी को देशद्रोही कहने और चुनाव आयोग के बारे में गलत जानकारी फैलाने के लिए देश से माफी मंगवाए। यदि वे माफी मांग लेते हैं, तो मैं अपना धोखेबाज वाला संबोधन वापस ले लूंगा।

मतदाता सूची पुनरीक्षण का मुद्दा भाजपा नेता ने चुनाव आयोग के SIR अभियान का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूचियों में पारदर्शिता लाने और फर्जी मतदाताओं को हटाने के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है। वहीं, चुनाव आयोग ने दिल्ली में मतदाता सूची के फाइनल प्रकाशन की तारीख 4 नवंबर से बढ़ाकर 4 दिसंबर कर दी है, ताकि प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाया जा सके।

आगे क्या? भाजपा नेता ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कांग्रेस अपनी नकारात्मक राजनीति और भ्रामक प्रचार का रास्ता नहीं छोड़ती है, तो उन्हें हर मंच पर इसी तरह कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल, दोनों नेताओं के बीच जारी यह बयानबाजी केरल की राजनीति में और गरमा गई है।

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