संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक मंच पर भारत का रुख मजबूती से रखा। उन्होंने दुनिया को आगाह किया कि आज वैश्विक शांति और सुरक्षा गंभीर खतरे में है।
आतंकवाद पर ‘जीरो-टॉलरेंस’ की मांग जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने बिना नाम लिए उन देशों को आड़े हाथों लिया जो राज्य-प्रायोजित आतंकवाद (State-sponsored terrorism) को बढ़ावा देते हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि सीमा-पार गतिविधियों को अंजाम देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और आतंकवाद के वित्तीय स्रोतों को पूरी तरह खत्म करना समय की मांग है।
पाकिस्तान पर जोरदार हमला पाकिस्तान का नाम लिए बिना जयशंकर ने उनके प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया है। विदेश मंत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवाद का जनक बने देशों को अब अपनी हरकतों को सुधारना ही होगा, क्योंकि अब दुनिया इसे और बर्दाश्त नहीं करेगी।
युद्ध और वैश्विक चिंताएं विदेश मंत्री ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया (मध्य-पूर्व) में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युद्धों का खामियाजा उन देशों को भी भुगतना पड़ रहा है, जिनका इन संघर्षों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों में, यह युद्ध का युग नहीं है और अब समय बातचीत से समाधान निकालने का है।
नाविकों की सुरक्षा और व्यापार पर जोर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर बढ़ते हमलों पर नाराजगी जताते हुए जयशंकर ने कहा कि कमर्शियल जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना किसी भी हाल में मंजूर नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और ऊर्जा व व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने की अपील की।
टू-स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के लिए टू-स्टेट सॉल्यूशन (दो-राष्ट्र समाधान) ही एकमात्र रास्ता है। भारत पहले से ही फलस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता भेज रहा है और शांति बहाली के हर प्रयास में साथ देने के लिए तैयार है।
खाई के किनारे खड़ी दुनिया अंत में, विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि शांति का अर्थ केवल युद्ध का न होना नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया आज एक गहरी खाई के किनारे पर खड़ी है, जिसे स्थिरता और सुरक्षा के जरिए ही बचाया जा सकता है। उन्होंने विश्व समुदाय से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और भविष्य के खतरों को टालने के लिए सामूहिक कदम उठाएं।
#WATCH | New York: Addressing the 81st session of the United Nations General Assembly, EAM Dr. S. Jaishankar says, Countries far from conflicts are being penalized for no fault of theirs. Those most impacted often have the least say. This assembly must face up to the true state… pic.twitter.com/S3hoYiFXQw
— ANI (@ANI) September 26, 2026
भरोसे का कत्ल: चौराहे पर लिफ्ट देने के बहाने दरिंदों ने की हैवानियत
शुभमन गिल में है भविष्य का कप्तान: कोहली ने की बड़ी भविष्यवाणी
कंगाल पाकिस्तान की मरोड़ी गर्दन: 7 अरब डॉलर की भीख के लिए IMF ने थमाई 174 शर्तों की लिस्ट
जमुई छेड़छाड़ कांड: आरोपी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- फर्जी था एनकाउंटर
बंगाल का सियासी पारा: ममता बनर्जी को दिखाए काले झंडे, TMC विधायक की कार पर फेंके अंडे
मजदूरी से गोल्ड मेडल तक: कोरबा की संजू देवी ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में लहराया तिरंगा
एशियन गेम्स 2026: क्वार्टर फाइनल में भारत-अफगानिस्तान की टक्कर, जानें कब और कहां देखें मैच
33 घंटे 33 मिनट का महा-बंदोबस्त : पुणे पुलिस ने बिना थके लिखा सुरक्षा का नया अध्याय
युवराज सिंह से भी आगे निकल गए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी? योगराज सिंह ने किया बड़ा दावा
गंगा एक्सप्रेसवे पर खौफनाक हादसा: अनियंत्रित होकर पोल से टकराई BJP विधायक की फॉर्च्यूनर, LIVE वीडियो आया सामने