वाराणसी में बनकर तैयार है देश का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोप-वे, ट्रायल रन शुरू
काशी (वाराणसी) के निवासियों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। घनी आबादी और तंग गलियों के कारण घंटों जाम में फंसने की समस्या अब इतिहास बनने वाली है। भारत का पहला और दुनिया का तीसरा अर्बन ट्रांसपोर्ट रोप-वे अब अपने अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का तेजी से ट्रायल रन और लोड टेस्टिंग चल रहा है। उम्मीद है कि नवंबर में देव-दीपावली के अवसर पर इसका भव्य उद्घाटन किया जाएगा।
1 घंटे का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में
वर्तमान में वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौक तक की 4 किलोमीटर की दूरी तय करने में भारी ट्रैफिक के कारण लगभग 1 घंटा लग जाता है। इस रोप-वे के शुरू होने के बाद यह यात्रा महज 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। वहीं, कैंट से रथयात्रा तक पहुंचने में मात्र 6.5 मिनट लगेंगे। इस प्रोजेक्ट से न केवल ईंधन और समय बचेगा, बल्कि शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी।
5 मेट्रो स्टाइल स्टेशन और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर
815 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट में 5 प्रमुख स्टेशन बनाए गए हैं: कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया चौक। ये स्टेशन आधुनिक मेट्रो की तर्ज पर विकसित किए गए हैं, जिनमें यात्रियों के लिए बजट होटल, रेस्तरां और कमर्शियल स्पेस जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पूरे कॉरिडोर के लिए 40 से 150 फीट ऊंचे 30 टॉवर खड़े किए गए हैं, जिन पर 148 केबल कारें दौड़ेंगी।
रोजाना 1 लाख यात्री करेंगे सफर
यह रोप-वे रोजाना 16 घंटे संचालित होगा। प्रत्येक केबल कार में एक साथ 10 यात्री सफर कर सकेंगे, जिससे प्रतिदिन 90 हजार से 1 लाख लोगों का आवागमन आसान हो जाएगा। इससे काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट जाने वाले पर्यटकों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
किफायती होगा सफर
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के मुताबिक, इसका किराया आम जनता की पहुंच में रखा जाएगा। अनुमान है कि कैंट से विद्यापीठ तक का किराया 30 रुपये, रथयात्रा तक 40 रुपये और गोदौलिया चौक तक का किराया 50 रुपये के आसपास तय किया जा सकता है।
स्विस-जर्मन टेक्नोलॉजी और 3-लेयर सुरक्षा
सुरक्षा के लिहाज से इसमें तीन स्तरीय सुरक्षा तंत्र लगाया गया है।
फिलहाल स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के विशेषज्ञ पूरे सिस्टम की गहन जांच कर रहे हैं। हेरिटेज और आधुनिकता का यह अनोखा मेल अब काशी को एक नई वैश्विक पहचान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
#WATCH | Uttar Pradesh | The world’s third and India’s first urban transport ropeway is being developed in Kashi. Trial runs are currently being conducted as work progresses rapidly.
— ANI (@ANI) September 24, 2026
(Visuals from Vidhyapith Ropeway Station of Varanasi) pic.twitter.com/DGeRM26qmd
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