मैदान पर पाकिस्तान की बेईमानी से खफा थे बिशन सिंह बेदी, बल्लेबाजों को वापस बुलाकर चौंकाया था पूरी दुनिया को
News Image

भारतीय क्रिकेट के महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके सिद्धांत और बेबाक व्यक्तित्व के किस्से आज भी क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचित करते हैं। 25 सितंबर 1946 को जन्मे बेदी न केवल अपनी जादुई गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे, बल्कि मैदान पर गलत के खिलाफ खड़े होने के उनके साहसी फैसलों के लिए भी याद किए जाते हैं।

1978 का वह विवादित मुकाबला

3 नवंबर 1978 को पाकिस्तान के साहीवाल में भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज का निर्णायक तीसरा वनडे खेला जा रहा था। भारत जीत की ओर अग्रसर था और उसे जीत के लिए 23 रनों की दरकार थी, जबकि 8 विकेट शेष थे। तभी पाकिस्तान के सरफराज नवाज ने गेंदबाजी की कमान संभाली और खेल का रुख ही बदल दिया।

लगातार चार बाउंसर और अंपायरों का पक्षपात

सरफराज नवाज ने अंशुमन गायकवाड़ को लगातार चार बाउंसर फेंकी। गेंदें इतनी ऊंची थीं कि बल्लेबाज के पास उन्हें खेलने का कोई मौका नहीं था। उस दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में न्यूट्रल अंपायरों की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए अंपायर भी पाकिस्तान के ही थे। बावजूद इसके कि गेंद वाइड थी, अंपायरों ने एक भी वाइड बॉल नहीं दी।

जब बेदी ने कर दिया वॉकआउट

अपनी टीम के साथ हो रही इस साफ बेईमानी से कप्तान बिशन सिंह बेदी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने खेल को जारी रखने के बजाय अपने दोनों बल्लेबाजों को वापस डगआउट में बुला लिया। भारत ने मैच आगे नहीं खेलने का फैसला किया और पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया गया, जिससे सीरीज भी उनके नाम हो गई। यह घटना आज भी क्रिकेट के इतिहास में विरोध के सबसे अनोखे और साहसी उदाहरणों में गिनी जाती है।

स्पिन के सरदार और शेन वॉर्न के आदर्श

बिशन सिंह बेदी भारतीय स्पिन चौकड़ी का वह अहम हिस्सा थे, जिनकी उंगलियों के जादू के सामने दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज घुटने टेक देते थे। अपनी कला को निखारने के लिए बेदी कितने समर्पित थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अपनी उंगलियों की मजबूती बनाए रखने के लिए खुद ही अपने कपड़े धोया करते थे।

महान ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न भी बेदी को अपना आदर्श मानते थे। बेदी ने अपने 67 टेस्ट मैचों के करियर में 266 विकेट लिए। वहीं, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 1,560 विकेट दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है।

एक बेबाक व्यक्तित्व का अंत

बिशन सिंह बेदी ने 25 सितंबर 2021 को अपने 75वें जन्मदिन पर अपनी आत्मकथा द सरदार ऑफ स्पिन लॉन्च की थी। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझते हुए 23 अक्टूबर 2023 को इस महान खिलाड़ी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। क्रिकेट मैदान पर उनका अनुशासन और सिद्धांतों से समझौता न करने वाला अंदाज आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मुश्ताक खान के निधन से स्तब्ध बॉलीवुड, राजपाल यादव बोले- दो घंटे पहले ही तो हाथ थामे थे

Story 1

अब डॉक्टर का पर्चा होगा हिंदी में: ब्रजेश पाठक का बड़ा फैसला

Story 1

नागपुर का स्मार्ट कायाकल्प: अब एक क्लिक पर मिलेगी शहर की हर सुविधा, GIS तकनीक से बदलेगी तस्वीर

Story 1

26 सितंबर का मौसम अलर्ट: 60KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 15 राज्यों में मूसलाधार बारिश का खतरा

Story 1

यह कोई आम वादा नहीं, बल्कि मोदी का वादा है : जम्मू-कश्मीर विधानसभा में राज्य के दर्जे पर सियासी घमासान

Story 1

नवी मुंबई: पहाड़ी से 70 फीट नीचे रेलवे ट्रैक पर गिरी कार, बाल-बाल बचा 17 वर्षीय छात्र

Story 1

क्या इसी दिन के लिए सत्ता में लाए थे? : पूर्व DGP ने PM मोदी और अमित शाह से पूछे तीखे सवाल

Story 1

मुश्ताक खान का निधन: राजपाल यादव का छलका दर्द, मौत से दो घंटे पहले हुई थी आखिरी मुलाकात

Story 1

टीम इंडिया के अगले मैचों का समय: कब और कितने बजे शुरू होंगे मुकाबले?

Story 1

एशियन गेम्स 2026: निशानेबाजी में भारत का दबदबा, ऐश्वर्य-नीरज और रुद्राक्ष की तिकड़ी ने जीता सिल्वर