चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 11 साल बाद अपनी तीन दिवसीय अमेरिकी यात्रा पर वाशिंगटन पहुंच गए हैं। इस दौरे का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद जॉइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियूआन का स्वागत किया। अमेरिका में इस तरह का सम्मान आखिरी बार 2015 में पोप फ्रांसिस को दिया गया था।
4T पर केंद्रित रहेगी वार्ता दोनों नेताओं के बीच होने वाली औपचारिक बातचीत का केंद्र 4T रहने वाला है: ताइवान, ट्रेड (व्यापार), टेक्नोलॉजी और तेहरान। इन चार संवेदनशील मुद्दों पर दोनों देशों के बीच भविष्य की दिशा तय होगी। तनाव को कम करने के प्रयासों के तहत, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने व्यापार समझौते को 10 जनवरी तक बढ़ाने की घोषणा की है।
ताइवान और टेक्नोलॉजी की चुनौती वार्ता में ताइवान का मुद्दा सबसे गर्मागर्म रहने की उम्मीद है। शी जिनपिंग द्वीप पर बीजिंग के दावों को दोहराते हुए अमेरिका से 11 अरब डॉलर के हथियार पैकेज को रोकने की मांग कर सकते हैं, जबकि ट्रंप इसे अमेरिकी नीति का हिस्सा बताकर अपना बचाव करेंगे। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में दोनों देशों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी चिंता का विषय है।
ईरान और व्यापार पर घमासान अमेरिका का आरोप है कि चीन ईरान को गुप्त रूप से हथियार और तकनीकी सहायता दे रहा है, जिससे ट्रंप जिनपिंग पर दबाव बना सकते हैं। इसके अलावा, ट्रेड और टैरिफ भी बड़ा मुद्दा है। रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी कानून पर चीन ने कड़ी चेतावनी दी है। इन व्यापारिक विवादों को सुलझाना दोनों नेताओं के लिए बड़ी चुनौती होगी।
व्हाइट हाउस का भव्य भोज आज रात व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया गया है। इसमें एप्पल के टिम कुक, एनवीडिया के जेनसेन ह्वांग और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज तकनीकी हस्तियों के शामिल होने की चर्चा है, जो संकेत देता है कि अमेरिका चीन के साथ तकनीकी संबंधों को किस नजरिए से देखता है।
दोनों नेताओं की मजबूरी यह शिखर सम्मेलन ऐसे नाजुक समय पर हो रहा है, जब दोनों नेता दबाव में हैं। ट्रंप बढ़ते ऊर्जा संकट और ईरान के साथ युद्ध की आशंकाओं के बीच अपने घरेलू जनाधार को साधने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, शी जिनपिंग के सामने चीन की सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को संभालने की चुनौती है। ऐसे में यह मुलाकात केवल कूटनीति नहीं, बल्कि दोनों की राजनीतिक जरूरतों का भी संगम है।
#WATCH | Chinese President Xi Jinping and First lady Peng Liyuan arrive in the United States; US President Donald Trump and First Lady Melania Trump receive them at Joint Base Andrews pic.twitter.com/ttOtyjlEnX
— ANI (@ANI) September 23, 2026
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