चुनाव आयोग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि आयोग के भीतर ही लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
दो बुलडोजरों का खेल वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या का कार्यालय खोल रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर के बुलडोजर के साथ-साथ अब चुनाव आयोग के अंदर भी एक आंतरिक बुलडोजर सक्रिय है। सिंघवी ने कहा कि एक तरफ सीईसी हैं और दूसरी तरफ गृह मंत्रालय, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं।
बराबर वालों में पहले हैं सीईसी सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि चुनाव आयोग एक बहुसदस्यीय संस्था है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पद अन्य आयुक्तों से वरिष्ठ नहीं होता, बल्कि वह बराबर वालों में पहला (First among equals) होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सीईसी ने न केवल देश को, बल्कि अपने साथी आयुक्तों को भी अंधेरे में रखा है?
आयुक्तों की असहमति सार्वजनिक हो मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची और सॉफ्टवेयर डेटाबेस से जुड़े कई फैसलों पर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। सिंघवी ने मांग की कि आयोग इन डिसेंट नोट्स (असहमति संबंधी टिप्पणियों) को सार्वजनिक करे ताकि जनता जान सके कि किन मुद्दों पर आपत्ति जताई गई थी।
फॉर्म-6 और डेटाबेस पर गंभीर सवाल विवाद का मुख्य केंद्र फॉर्म-6 में किए गए बदलाव हैं। आरोप है कि आवेदकों के लिए यह अनिवार्य किया जा रहा है कि वे पुराने एसआईआर (SIR) का संदर्भ दें। सिंघवी ने इसे अनधिकृत और अवैध बताते हुए कहा कि इससे वास्तविक मतदाताओं के बाहर होने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही, चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को सिस्टम का एक्सेस न मिलने और डेटाबेस को दिल्ली में केंद्रीकृत करने पर भी चिंता जताई गई है।
बंगाल का मामला और भविष्य की रणनीति पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के बाद करीब 38 लाख आपत्तियां सामने आई हैं, जिनमें से 22 लाख लोगों ने नाम कटने के बाद दोबारा शामिल होने की अपील की है। सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस अब इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के साथ चर्चा करेगी।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि कई नोटिस यांत्रिक तरीके से जारी किए गए हैं। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इन गंभीर आरोपों पर क्या सफाई देता है।
#WATCH | Delhi: Senior Advocate and Congress MP Abhishek Manu Singhvi reacts to Indian Express report on 2 ECs objecting to discrepancies in SIR process
— ANI (@ANI) September 23, 2026
He says, BJP has set up an office dedicated to the murder of democracy. On one side, they have positioned the CEC, and on the… pic.twitter.com/BCa4tT6qlS
बैंक हड़ताल की पूरी पड़ताल: 5 दिन रहेंगे बंद, क्या UPI-ATM पर होगा असर?
ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले दक्षिण अफ्रीका को बड़ा झटका, स्टार गेंदबाज क्वेना मफाका बाहर
शारजाह में भारतीय शख्स की नृशंस हत्या: कार की डिक्की में 9 टुकड़ों में मिला शव, पत्नी और बेटा लापता
आजमगढ़ में खूनी तांडव: पत्नी, बेटे और दो पंडितों की हत्या, मुठभेड़ में ढेर हुआ सनकी हत्यारा
नेशनल अवॉर्ड पर सितारों का जलवा: कार्तिक के लिए छोटे शहर का सपना तो ममूटी ने कहा लाइफटाइम ऑनर
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से पहले साउथ अफ्रीका को बड़ा झटका, 4 दिग्गज तेज गेंदबाजों के बाहर होने से बढ़ीं मुश्किलें
सुस्त होगी ग्लोबल इकोनॉमी, पर भारत की राह रहेगी अलग: क्या है भविष्य का हाल?
चुनाव आयोग के भीतर बवाल : दो आयुक्तों ने जताई 14 बार आपत्ति, SIR प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
क्या टल जाएगा अमेरिका-ईरान युद्ध? न्यूयॉर्क में ट्रंप की धमकी के बीच पेजेशकियान का कूटनीतिक दांव
ऐतिहासिक जीत: मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में जीता सिल्वर, 28 साल का सूखा खत्म