संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर ऑस्ट्रेलिया की नज़र: शक्ति नहीं, नियमों का शासन हो
News Image

ऑस्ट्रेलिया ने वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और विस्तार देने के लिए बड़े कदम का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ ने आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थायी सीट के लिए अपना अभियान शुरू कर दिया है।

2029-30 के कार्यकाल के लिए दावेदारी ऑस्ट्रेलिया ने 2029-30 के दो साल के कार्यकाल के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश की है। यह सीट पश्चिमी यूरोपीय और अन्य समूह (WEOG) के कोटे से आती है, जिसके लिए ऑस्ट्रेलिया अब सक्रिय रूप से समर्थन जुटा रहा है। जून 2028 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसके लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगे।

शक्ति नहीं, नियमों का शासन प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने इस दावेदारी के पीछे के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि आज की दुनिया को शक्ति और बल के बजाय नियमों के शासन की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑस्ट्रेलिया सुरक्षा परिषद में उन सभी लोगों की आवाज बनेगा, जो शांति और बेहतर भविष्य की तलाश में हैं।

तीन प्रमुख सिद्धांतों पर केंद्रित अभियान ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने अभियान के लिए तीन स्पष्ट सिद्धांत तय किए हैं:

  1. सम्मानपूर्वक सुनना।
  2. समान रूप से साझेदारी करना।
  3. सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों की रक्षा करना।

ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिकताओं की सूची इस कार्यकाल के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी प्राथमिकताओं का खाका भी तैयार किया है। देश का लक्ष्य संघर्षों को रोकना, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और जलवायु सुरक्षा पर काम करना है। इसके अलावा, एक शांतिपूर्ण और समावेशी डिजिटल भविष्य को बढ़ावा देना भी उनकी कार्यसूची में शामिल है।

वैश्विक अनिश्चितता के दौर में अहम कदम भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग ने एक बयान में कहा कि आज के अनिश्चित वैश्विक माहौल में, ऑस्ट्रेलिया शांति और सुरक्षा का निरंतर और मजबूती से समर्थन कर रहा है। सुरक्षा परिषद की यह सीट हासिल करके ऑस्ट्रेलिया वैश्विक चुनौतियों पर अपनी प्रभावी छाप छोड़ने की कोशिश करेगा।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 10 अस्थायी सदस्य होते हैं, जिनमें से हर साल पांच सदस्यों को चुना जाता है। 2029-30 के कार्यकाल के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ फिनलैंड भी इस दौड़ में शामिल है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

चेन्नई बना स्टारबक्स का नया टेक पावरहाउस : अमेरिका के बाहर पहला वैश्विक केंद्र, 800 युवाओं को मिलेगा रोजगार

Story 1

UPI पर MDR चार्ज: वित्त मंत्री का बड़ा बयान, आम आदमी की जेब पर नहीं पड़ेगा कोई असर

Story 1

हूती हमलों के बीच सऊदी-पाकिस्तान की नई वीजा दोस्ती : सैन्य मोर्चे पर आखिर खामोशी क्यों?

Story 1

EV चार्जिंग का बदलेगा भविष्य: 5 मिनट में 700KM की रेंज! चीन की नई बैटरी तकनीक ने मचाई हलचल

Story 1

Xiaomi 18 Pro और 18 Pro Max की धमाकेदार एंट्री, 8,500mAh बैटरी और 200MP कैमरे से मचेगा तहलका

Story 1

अनार की पेटी खोलते ही उड़े होश: रद्दी कागज की जगह निकले असली नोटों के टुकड़े, देखें वीडियो

Story 1

कोझिकोड: मुर्गियों के बाड़े में घुसा अजगर, एक के बाद एक निगली 4 मुर्गी; रेस्क्यू के दौरान हुआ ऐसा हाल

Story 1

बलिया में दिनदहाड़े सनसनी: ई-रिक्शा से उतरते ही महिला से चेन स्नेचिंग, CCTV में कैद हुए बदमाश

Story 1

असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला: भूपेश बघेल और गौरव गोगोई की गाड़ियों पर पथराव, मची अफरातफरी

Story 1

एशियन गेम्स 2026: गोल्ड के लिए आज मैदान में उतरेगी टीम इंडिया, चौथे दिन का पूरा शेड्यूल