अमेरिका के वायोमिंग में एक पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर चाकू से 17 बार घातक हमला किया गया है। कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो निवासी यह ड्राइवर रविवार तड़के इंटरस्टेट-80 पर स्थित बिटर क्रीक रेस्ट एरिया में रुका था, तभी एक अज्ञात हमलावर ने उसे अपना निशाना बनाया।
हमले का खौफनाक मंजर पीड़ित के मुताबिक, हमलावर काफी देर से उसका पीछा कर रहा था। जैसे ही ड्राइवर बाथरूम के पास पहुंचा, आरोपी ने अचानक चाकू निकाल लिया। हमलावर ने ड्राइवर की गर्दन, सीने, हाथों और पसलियों पर ताबड़तोड़ 17 वार किए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, ड्राइवर किसी तरह बाथरूम से बाहर निकलकर मदद के लिए चिल्लाने में सफल रहा। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डीएचएस का विवादित पोस्टर और सवाल इस हमले ने अमेरिका में अप्रवासियों, विशेषकर सिख समुदाय की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि यह घटना होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक एआई-जनरेटेड पोस्टर के बाद हुई।
क्या था पोस्टर में? ट्रंप प्रशासन की ओर से जारी इस पोस्टर का शीर्षक ट्रांसफॉर्मर्स: एज ऑफ डिपोर्टेशन्स था। इसमें एक ट्रांसफॉर्मर रोबोट को पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति के सामने खड़ा दिखाया गया था। पोस्टर पर अपमानजनक भाषा लिखी थी: अमेरिका अमेरिकियों के लिए है। हमारी सड़कों से हट जाओ; मिस्टर सिंह, तुम गाड़ी चलाना नहीं जानते। इसमें अप्रवासी ड्राइवरों को खुद ही देश छोड़ने की चेतावनी दी गई थी।
सीनेटर एडम शिफ ने जताई कड़ी आपत्ति इस पोस्टर के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। सीनेटर एडम शिफ ने डीएचएस के इस कदम की तीखी आलोचना की। शिफ ने पोस्ट साझा करते हुए लिखा, प्रशासन और डीएचएस अपनी कट्टरता छिपाने की कोशिश भी नहीं कर रहे हैं। यह घिनौना विज्ञापन अभियान अपमानजनक और पूरी तरह से अ-अमेरिकी है। यह लाखों अमेरिकियों को उनकी पृष्ठभूमि और दिखावट के आधार पर संदिग्ध बना रहा है।
क्या बढ़ती नफरत की वजह है सरकारी नैरेटिव? विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्तर पर इस तरह के नस्ली और संप्रदाय-विशिष्ट पोस्ट और बयान समाज में नफरत की आग भड़का रहे हैं। जिस तरह से एक विशिष्ट नाम सिंह को निशाना बनाकर पोस्टर जारी किया गया, उसने सिख समुदाय में असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन इस हमले ने अमेरिकी प्रशासन की नीतियों पर बड़े नैतिक सवाल खड़े कर दिए हैं।
The administration and DHS make no effort to hide their obvious bigotry, casting suspicion on millions of Americans based on their background and appearance, in this case, the Sikh community.
— Senator Adam Schiff (@SenAdamSchiff) September 10, 2026
DHS’s grotesque advertising campaign is hateful, disgraceful, and un-American. pic.twitter.com/zkYGTTfOjL
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