डिजिटल इंडिया के दौर में व्यापारियों और सरकार के बीच यूपीआई (UPI) को लेकर तनातनी बढ़ गई है। मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के सरकार के फैसले से नागपुर के व्यापारी नाराज हैं। उनका कहना है कि अगर यूपीआई पर शुल्क लगाया गया, तो वे डिजिटल भुगतान के बजाय नकद लेन-देन को प्राथमिकता देंगे।
व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत का बोझ व्यापारियों का तर्क है कि वे पहले से ही जीएसटी और अन्य लेन-देन शुल्कों का बोझ उठा रहे हैं। अब यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगने से छोटे और मझोले कारोबारियों का मुनाफा कम हो जाएगा। व्यापारियों के अनुसार, 75,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर 300 रुपये तक का शुल्क देना उनके कारोबार के लिए आर्थिक नुकसान का सौदा है।
नकद भुगतान की ओर वापसी की तैयारी नागपुर के बर्तन व्यापारी महावीर लटुरिया का कहना है कि 2,000 रुपये से अधिक के हर लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क देना एक महंगा विकल्प है। तेल व्यापारी अनिल अग्रवाल ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि सरकार एमडीआर वसूलती है, तो वे ग्राहकों को नकद भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना शुरू कर देंगे।
चेक और बैंकिंग माध्यमों पर विचार इलेक्ट्रिक मार्केट के व्यापारी जवाहर पटेल का मानना है कि डिजिटल भुगतान से समस्या नहीं है, लेकिन इसका खर्च व्यापारियों पर नहीं डालना चाहिए। वे अब बड़े भुगतानों के लिए यूपीआई की जगह चेक या अन्य बैंकिंग माध्यमों के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यह शुल्क न केवल उनके लिए, बल्कि छोटे दुकानदारों के लिए भी बड़ी मुसीबत बनेगा।
वित्त मंत्रालय का पक्ष विवाद के बीच वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पीयर-टू-पीयर (व्यक्तिगत) ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे। सरकार का दावा है कि 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर इस नए ढांचे का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
क्या बढ़ेगी ग्राहकों की परेशानी? व्यापारियों और सरकार के बीच का यह टकराव सीधे तौर पर ग्राहकों की जेब और सुविधा को प्रभावित करेगा। यदि दुकानदार वाकई नकद भुगतान को बढ़ावा देते हैं, तो इससे डिजिटल इंडिया के उस लक्ष्य को झटका लग सकता है, जिसके तहत देश को कैशलेस बनाने की कोशिश की जा रही थी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस विरोध को शांत करने के लिए क्या कदम उठाती है।
*UPI Continues to Remain Free for Peer to Peer Transactions and 96% of Merchant Transactions
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) September 15, 2026
The new UPI framework introduced has no impact on any person to person transactions
UPI will continue to remain completely free for all person-to-person transactions,… pic.twitter.com/lYVzehs6lU
नोएडा: बर्थडे का केक लेने निकले युवक को कार ने हवा में उछाला, रीढ़ की हड्डी टूटी; आरोपी गिरफ्तार
क्लीन स्वीप की तलाश में भारत: आज अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी जंग, जानें पिच का मिजाज और संभावित प्लेइंग-11
चंद्रमा पर मिला विशालकाय गड्ढा: रोम के कोलोसियम से भी बड़ा, वैज्ञानिक हैरान
100% टैरिफ का ट्रंप बम : रूस-ईरान पर कड़े कानून का भारत पर क्या होगा असर?
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस: संभाजीनगर में राजनीति का अखाड़ा , आमने-सामने से बचे ठाकरे और फडणवीस
NTA का मेगा एग्जाम शेड्यूल जारी: दिसंबर से मार्च तक होंगी ये बड़ी परीक्षाएं, देखें पूरा कैलेंडर
एशियन गेम्स: बिना एक भी गेंद फेंके सेमीफाइनल में पहुंची बांग्लादेश, किस्मत ने ऐसे दिया साथ
बिजनेस क्लास के पैसे लिए, इकोनॉमी में बिठाया: एयर कनाडा पर बुरी तरह भड़के गिप्पी ग्रेवाल
मोदी का जन्मदिन: जब भावुक हुए चिराग पासवान, पिता रामविलास को याद कर कही ये बड़ी बात
एशियन गेम्स: बाल-बाल बचा पाकिस्तान, थाईलैंड को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह