यूपीआई (UPI) पेमेंट पर नए शुल्क के ऐलान के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे विदेशी दबाव और ट्रंप के आगे सरेंडर बताया है। इस हंगामे के बीच वित्त मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यूपीआई से जुड़ी नीतियां पूरी तरह से भारत के अपने फैसले हैं। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि न तो सरकार ट्रंप के आगे झुकी है और न ही इस पर किसी भी तरह का विदेशी प्रभाव है। सरकार का लक्ष्य डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आत्मनिर्भर, समावेशी और किफायती बनाए रखना है।
मंत्रालय ने साफ किया कि आम उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है। दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने (P2P), दुकानों पर क्यूआर कोड स्कैन करने या किसी भी तरह के छोटे भुगतान पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। यह व्यवस्था पहले की तरह ही पूरी तरह मुफ्त बनी रहेगी।
नए फ्रेमवर्क के अनुसार, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ खास मर्चेंट लेनदेन पर 0.4 फीसदी का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि:
रेलवे, फ्यूल, टेलीकॉम, बिल पेमेंट और इंश्योरेंस जैसी सेवाओं के लिए सरकार ने अलग नियम तय किए हैं। इन सेवाओं में 2,000 रुपये से ज्यादा के हर लेनदेन पर 5 रुपये की फ्लैट फीस लगेगी। वहीं, म्यूचुअल फंड और सिक्योरिटी से जुड़े निवेश पर 0.02 फीसदी शुल्क (अधिकतम 300 रुपये तक) तय किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, अगस्त 2026 में यूपीआई ने 24.5 बिलियन ट्रांजेक्शन प्रोसेस किए। इतने बड़े सिस्टम को सुरक्षित, इनोवेटिव और सेल्फ-सस्टेनेबल बनाने के लिए फंड की आवश्यकता होती है। सरकार का दावा है कि इन बड़े ट्रांजेक्शन से मिलने वाले संसाधन को छोटे बिजनेस को सपोर्ट करने और डिजिटल पेमेंट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में फिर से निवेश किया जाएगा।
सरकार ने बैंकों और यूपीआई ऐप्स को कड़े निर्देश दिए हैं कि मर्चेंट से वसूले जाने वाले एमडीआर का बोझ किसी भी सूरत में ग्राहकों पर नहीं डाला जाना चाहिए। साथ ही, कंपनियों को किसी भी तरह की छिपी हुई फीस (Hidden Fees) लगाने से भी मना किया गया है।
🔰 UPI Remains Free for Consumers
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) September 16, 2026
UPI continues to be free for customers. Sending money to friends, paying at shops, or scanning a QR code — all remain without charges.
Key Facts:
✅ No charges on P2P: Person-to-Person transfers are always free, regardless of amount.
✅ Small… pic.twitter.com/PyQ7hotNMN
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