यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद, जिसमें उन्होंने 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य रखा है, आरजेडी सांसद मनोज झा ने तीखा हमला बोला है।
भागवत के बयान का दिया हवाला मनोज झा ने सरकार को आईना दिखाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया विदेशी दौरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा, मोहन भागवत ने विदेश में स्पष्ट कहा था कि एकता के लिए एकरूपता जरूरी नहीं है। मुझे यकीन है कि अमित शाह ने भी यह सुना और देखा होगा।
झा ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को संविधान सभा में अनुच्छेद 44 पर हुई बहस और लॉ कमीशन की रिपोर्ट की भी जानकारी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संगठन का शीर्ष नेतृत्व अलग विचार रखता है, तो सरकार इसे क्यों थोप रही है।
डॉग व्हिसलिंग और ध्यान भटकाने की राजनीति आरजेडी सांसद ने UCC को सरकार की डॉग व्हिसलिंग रणनीति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने के लिए ऐसे विषयों को हवा दे रही है। मनोज झा के मुताबिक, देश की जनता इस वक्त बेरोजगारी और आय की असमानता जैसे गंभीर संकटों से जूझ रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का युवा आज रोजगार और एक निष्पक्ष व्यवस्था की मांग कर रहा है, न कि समान नागरिक संहिता की। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक खास वोट बैंक को साधने की सोची-समझी चाल है।
अमित शाह का बड़ा ऐलान गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि 2029 से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA के सभी 21 राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा। शाह ने दावा किया कि कई राज्यों में इस पर काम चल चुका है और बाकी जगह भी प्रक्रिया जारी है।
क्या है UCC का मतलब? समान नागरिक संहिता (UCC) का अर्थ शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए एक ऐसा कानून है, जो धर्म के आधार पर बंटवारे के बजाय सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो। यह सालों से भाजपा का प्रमुख चुनावी एजेंडा रहा है। उत्तराखंड इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है।
#WATCH | Delhi: On UCC, RJD MP Manoj Jha says, Mohan Bhagwat was recently on a foreign tour; while in the US or England, he stated that uniformity is not required for unity. Amit Shah must have seen this as well. Amit Shah would also be aware of the debates in the Constituent… pic.twitter.com/ZI5qrOuGBj
— ANI (@ANI) September 15, 2026
राजौरी में लश्कर का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: तीन गिरफ्तार, घातक IED बरामद
भाजपा का ‘60 सेकेंड’ वाला डिजिटल दांव: 37,500 लाभार्थियों की कहानी से बदलेगी चुनावी तस्वीर
पटना दहला: BSSC और दारोगा अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, विधानसभा के पास थम गए पहिए
धार्मिक अभिवादन पर छिड़ा विवाद: IPS बुशरा बानो का हुआ तबादला
पत्नी को खुश करने का अनोखा तरीका: नोएडा से कार चोरी कर एटा पहुंचा ड्राइवर, पुलिस भी रह गई दंग
Redmi का धमाका: 10,000mAh बैटरी और 100W चार्जिंग वाले दो दमदार फोन भारत में लॉन्च
UCC पर आरजेडी का वार: मनोज झा बोले- एकरूपता और एकता अलग, अमित शाह को भागवत की बात याद है?
शराब के नशे में थे, गलत इशारे कर रहे थे : गुरुग्राम हिट-एंड-रन पर बाइक राइडर सिया की आपबीती
भुवनेश्वर कुमार का बड़ा खुलासा: टीम इंडिया में वापसी और विराट कोहली की कप्तानी पर कह दीं ये बड़ी बातें
शाहजहांपुर: जर्जर स्कूल की बीम ने छीनी पिता की जान, बेटी की शादी की खुशियां मातम में बदलीं