पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी रेड बुक के जरिए दुनिया को गुमराह करने की कोशिश की है। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी है। दशकों तक उसे सुरक्षित पनाह देने वाले पाकिस्तान का यह फैसला हैरान करने वाला नहीं, बल्कि रणनीतिक माना जा रहा है।
FATF का दबाव और टाइमिंग का खेल अक्टूबर में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की प्लेनरी बैठक होनी है। अंतरराष्ट्रीय निगरानी और आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Financing) पर लगाम न कसने के आरोपों से बचने के लिए पाकिस्तान ने मसूद अजहर को मोस्ट वांटेड सूची में ऊपर रखा है। जानकारों का कहना है कि यह कार्रवाई जमीन पर कम और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दिखाने के लिए ज्यादा है।
कौन है मसूद अजहर? 1999 में IC-814 विमान अपहरण कांड के समय यात्रियों की जान बचाने के बदले भारत ने मसूद अजहर को रिहा किया था। जेल से छूटते ही उसने जैश-ए-मोहम्मद खड़ा किया। आज यह संगठन भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों का मुख्य सूत्रधार है। संयुक्त राष्ट्र भी उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है।
पठानकोट से पुलवामा तक का खूनी सफर मसूद अजहर का नाम भारत के सबसे बड़े जख्मों से जुड़ा है:
26/11 के गुनहगारों पर भी फोकस FIA की नई रेड बुक में मुंबई हमले (26/11) से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें लश्कर-ए-तैयबा के वो 11 आतंकी भी हैं जिन्होंने हमलावरों को समुद्री रास्ते से भारत पहुंचने में मदद की थी। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए पाकिस्तान की नीयत पर बड़ा सवाल यह है कि क्या वह इन आतंकियों को कभी गिरफ्तार करेगा या यह सूची भी फाइलों में ही दबी रहेगी?
पाकिस्तान का दोहरा रवैया पाकिस्तान लंबे समय तक यह दावा करता रहा है कि मसूद अजहर उसके पास नहीं है और वह अफगानिस्तान भाग गया है। हालांकि, भारतीय खुफिया सूत्रों के तकनीकी विश्लेषण में बार-बार उसके पाकिस्तान में होने की पुष्टि हुई है। 2021 में 50 लाख का इनाम रखने वाली पाकिस्तानी सरकार ने 5 साल बाद इसे बढ़ाकर 70 लाख किया है, लेकिन धरातल पर मसूद अजहर आज भी पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की छाया में नजर आता है।
क्या यह महज एक दिखावा है या पाकिस्तान वाकई किसी अंतरराष्ट्रीय मजबूरी में घिर गया है? फिलहाल, दुनिया इस पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या यह इनाम सिर्फ कागजों पर ही रहेगा या इसे हकीकत में भी बदला जाएगा।
*In a bid to mislead the global community once again, Pakistan has announced a reward of PKR 70 lakh on Jaish-e-Mohammed (JeM) chief Masood Azhar. In its newly released Red Book of most wanted terrorists, Pakistan’s Federal Investigation Agency (FIA) has categorized Masood Azhar… pic.twitter.com/GwaFNtbjYb
— ANI (@ANI) September 14, 2026
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