एशिया कप ट्रॉफी विवाद: मोहसिन नकवी के ACC प्रमुख बनने के बाद कैसे क्रिकेट का मैदान बना भारत-पाकिस्तान तनाव का अखाड़ा?
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भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के रिश्ते हमेशा से राजनीतिक सरगर्मी के अधीन रहे हैं, लेकिन अप्रैल 2025 के बाद से यह कड़वाहट खेल के मैदान पर और अधिक स्पष्ट हो गई है। इसका मुख्य केंद्र रहे हैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी।

पहलगाम हमला और बिगड़ते समीकरण अप्रैल 2025 में रोटेशन नीति के तहत मोहसिन नकवी ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष का कार्यभार संभाला। दुर्भाग्यवश, उनके कार्यकाल के कुछ ही हफ़्तों बाद 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। इस घटना ने दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को एक बार फिर गहरे संकट में डाल दिया, जिसका सीधा असर क्रिकेट कूटनीति पर पड़ा।

ट्रॉफी लेने से इनकार: 2025 का मौन विरोध मई 2025 में हुए सैन्य तनाव और सीमा पर बढ़ती हलचल के कारण माहौल और बिगड़ गया। इसका असर सितंबर 2025 में हुए पुरुष एशिया कप के फाइनल में दिखा, जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता। भारतीय टीम ने ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। चूंकि नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों ने उनके हाथों में ट्रॉफी लेने के बजाय पोडियम पर ही जश्न मनाना उचित समझा।

ट्रॉफी विवाद पर नकवी का रुख इस पूरे वाकये के बाद मोहसिन नकवी ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम या BCCI कभी भी ACC के दुबई मुख्यालय से ट्रॉफी ले सकती है। हालांकि, BCCI ने नकवी के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई कि ट्रॉफी को फाइनल स्टेज पर ही क्यों लाया गया। इस घटना ने दोनों क्रिकेट बोर्डों के बीच अविश्वास की खाई को और चौड़ा कर दिया।

T20 वर्ल्ड कप और ICC की बैठकों में छाई कूटनीति 2026 की शुरुआत में स्थिति और गंभीर हो गई। जनवरी 2026 में T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर अनिश्चितता बनी रही। नकवी ने ICC पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। मई 2026 में अहमदाबाद में हुई ICC बोर्ड की बैठक में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होना चुना, जो दोनों देशों के बीच बने भू-राजनीतिक तनाव को दर्शाता है।

महिला एशिया कप में भी दोहराया गया इतिहास 13 सितंबर 2026 को इतिहास फिर से दोहराया गया। महिला एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को हराकर चैंपियन बनी भारतीय महिला टीम ने भी वही स्टैंड लिया, जो पुरुष टीम ने पिछले साल लिया था। खिलाड़ियों ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से परहेज किया। इस लगातार दो बार के घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दे हल नहीं होते, भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मैदानी शिष्टाचार भी कूटनीतिक तनाव की भेंट चढ़ता रहेगा।

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