FATF बैठक से ठीक पहले पाकिस्तान का दिखावटी एक्शन, मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर दुनिया को गुमराह करने की कोशिश
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पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने 2026 के लिए अपनी मोस्ट वांटेड आतंकियों की नई रेड बुक जारी की है। इस सूची में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का सरगना मसूद अजहर भी शामिल है। पाकिस्तान ने उस पर घोषित इनाम को 50 लाख पाकिस्तानी रुपये से बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दिया है।

अक्टूबर में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक से ठीक पहले इस सूची का आना कई सवाल खड़े कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने के लिए इसे पाकिस्तान का एक नया दांव माना जा रहा है।

मसूद अजहर के ठिकाने पर फिर उठे सवाल पाकिस्तान 2021 से दावा करता रहा है कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है और वह अफगानिस्तान चला गया है। हालांकि, पांच साल बाद उस पर इनाम की राशि बढ़ाना उसके पुराने दावों पर सवाल उठाता है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, मसूद अजहर के पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह में छिपे होने के पुख्ता संकेत हैं।

26/11 के 19 आरोपी अभी भी रेड बुक में FIA की नई सूची में 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े 19 आरोपियों के नाम भी दर्ज हैं। इन पर हमलावरों को फंडिंग, रसद और समुद्री रास्ते के लिए नाव मुहैया कराने के गंभीर आरोप हैं। दिलचस्प बात यह है कि 2021 की तुलना में इस बार दो आरोपियों—मोहम्मद खान और अब्दुल रहमान—के विवरण से लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से उनका संबंध और उनकी तस्वीरें हटा दी गई हैं, जो पाकिस्तान की नीयत पर बड़ा संदेह पैदा करता है।

क्या है FATF कनेक्शन? अक्टूबर 2026 में FATF की अगली बैठक प्रस्तावित है। पाकिस्तान आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ खुद को सक्रिय दिखाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। जानकारों का मानना है कि मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाना केवल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है। पाकिस्तान चाहता है कि FATF यह माने कि वह अपने देश में मौजूद आतंकवादियों पर कार्रवाई कर रहा है।

मोस्ट वांटेड की संख्या में 35% का इजाफा FIA की 2021 की रेड बुक में 1,330 आतंकियों के नाम थे, जो 2026 में बढ़कर 1,804 हो गए हैं। पांच साल में हुई यह 35 फीसदी की बढ़ोतरी पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद की गंभीरता को दर्शाती है।

भारतीय खुफिया सूत्रों के अनुसार, 26/11 से जुड़े 17 आरोपी पिछले 18 वर्षों से फरार बताए जा रहे हैं, जबकि असल में ये सभी पाकिस्तान की जमीन पर ही सुरक्षित पनाहगाहों में रह रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित ठिकानों पर मसूद अजहर का नियंत्रण उजागर हुआ था, जो पाकिस्तान के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।

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