अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ही अपना दौरा बीच में छोड़कर स्वदेश लौट गए हैं। उनके अचानक प्रस्थान को पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात और हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी, पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति से अहम चर्चा स्वदेश लौटने से पहले, क्राउन प्रिंस ने नई दिल्ली में उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बैठकें कीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ द्विपक्षीय बातचीत की।
खास बात यह है कि पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा संघर्ष के बाद ईरानी राष्ट्रपति और यूएई के क्राउन प्रिंस की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। चर्चा का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय तनाव को कम करना और स्थिरता बहाल करना रहा।
ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराया गंभीर खतरा खाड़ी क्षेत्र में जारी हमलों के कारण ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा संकट पैदा हो गया है। ईरान समर्थित हूतियों के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों से यूएई के बंदरगाहों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
तनाव इतना बढ़ गया है कि सऊदी अरब ने अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को एहतियातन बंद कर दिया है। इसके चलते वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है।
सामरिक समुद्री मार्गों पर हूतियों का कब्जा हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बेहद संवेदनशील और सामरिक महत्व वाले स्ट्रेट ऑफ अल मंदेब और पेरिम द्वीप पर नियंत्रण कर लिया है। इस कब्जे ने वैश्विक व्यापार को बड़ा झटका दिया है।
इस रास्ते के बंद होने से यूरोप जाने वाले व्यावसायिक जहाजों को अब अफ्रीका का लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ेगा। इसके अलावा, विद्रोहियों ने मोखा बंदरगाह पर भी कब्जा जमा लिया है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है।
ताइज की ओर बढ़ते विद्रोही और ईरान की भूमिका वर्तमान में हूती विद्रोही यमन के प्रमुख शहर ताइज की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। इस संकट को सुलझाने के लिए सऊदी अरब ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक अपना संदेश पहुंचाया है, जिसमें हमलों को रोकने की अपील की गई है।
हालांकि, ईरान ने इस पूरे मामले में पल्ला झाड़ते हुए दावा किया है कि हूती विद्रोही उसके नियंत्रण में नहीं हैं। फिलहाल, पूरा क्षेत्र एक बड़े युद्ध और आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा है।
#WATCH | Crown Prince of Abu Dhabi, Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan, departs from India after BRICS Summit 2026.@BricsIndia2026 @MEAIndia #BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship #BRICS26OnDD pic.twitter.com/L10ZRM4vdK
— DD News (@DDNewslive) September 12, 2026
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