दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वैश्विक नेताओं के जमावड़े के बीच कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति, विशेषकर ईरान और चीन के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की है।
ईरान के साथ संवेदनशीलता जरूरी: प्रमोद तिवारी
प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की मुलाकात के दौरान नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाए जाने पर प्रमोद तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत को ईरान के साथ संबंधों को लेकर बेहद सावधान रहना चाहिए।
तिवारी ने याद दिलाया कि आजादी के बाद जब भारत आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, तब अरब देशों ने कम कीमत पर कच्चे तेल की आपूर्ति कर भारत का साथ दिया था। इसके अलावा, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे पर हमेशा भारत का समर्थन किया है। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि ईरान के साथ मित्रता बनाए रखना भारत के हित में है।
चीन के साथ कोई समझौता नहीं
अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन द्वारा किए जा रहे दावों और बढ़ते तनाव पर प्रमोद तिवारी ने सरकार को आड़े हाथों लिया। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के बयानों पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा, क्या रिजिजू ने विदेश मंत्रालय संभाल लिया है? जिन्हें बोलना चाहिए, वे चुप क्यों हैं?
तिवारी ने दोटूक कहा कि भारत की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने जोर दिया कि अगर कोई चीन की विस्तारवादी नीतियों (जैसे अरुणाचल में गांव बसाना और शहरों के नाम बदलना) का मुकाबला कर सकता है, तो वह देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के सबसे छोटे हिस्से पर भी कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।
हरीश रावत के इस्तीफे को बताया नैतिकता
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस्तीफे पर भी प्रमोद तिवारी ने अपनी बात रखी। रावत के ओएसडी (OSD) के पास से नकदी और गहने मिलने के बाद मचे बवाल के बीच, तिवारी ने रावत के फैसले का बचाव किया।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की उच्च नैतिकता है कि पार्टी का कोई नेता बिना किसी बड़े भ्रष्टाचार में सीधे शामिल हुए भी, नैतिक आधार पर पद छोड़ने का साहस दिखाता है। तिवारी ने इसे एक मिसाल बताते हुए कहा कि रावत ने पार्टी के संघर्ष को कमजोर न करने के लिए यह निर्णय लिया है।
VIDEO | On PM Narendra Modi raising the issue of seafarers security during talks with Iranian President Masoud Pezeshkian, Congress MP Pramod Tiwari says, When India became independent in 1947, its economic condition was very poor. Arab countries supplied us crude oil at low… pic.twitter.com/w9SftE8iog
— Press Trust of India (@PTI_News) September 12, 2026
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