ब्रिक्स समिट: पुतिन के दिल्ली आगमन से नई रणनीतिक धुरी की आहट, डिफेंस और क्रूड ऑयल पर बड़ी डील की उम्मीद
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। आज तड़के करीब तीन बजे उनका विमान पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा, जहां विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आज होने वाली द्विपक्षीय वार्ता का वैश्विक राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। दोनों नेता रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विस्तृत चर्चा करेंगे।

डिफेंस सेक्टर में बड़े फैसलों का इंतजार वार्ता का मुख्य केंद्र रक्षा सहयोग रहने वाला है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों देशों के बीच फिफ्थ जेनरेशन के 75 सुखोई-57 फाइटर जेट्स की खरीद को लेकर समझौते पर मुहर लग सकती है। साथ ही, S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी और परमाणु पनडुब्बी से जुड़े रक्षा सहयोग की समीक्षा भी शीर्ष एजेंडे में है।

क्रूड ऑयल सप्लाई की सुरक्षा पर जोर ऊर्जा सुरक्षा इस बैठक का दूसरा महत्वपूर्ण स्तंभ है। होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव के बीच, भारत अपनी क्रूड ऑयल आपूर्ति को लेकर रूस के साथ दीर्घकालिक समझौते (Long-term deal) की दिशा में आगे बढ़ सकता है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अपने हितों को प्राथमिकता देगा।

डॉलर का विकल्प: रुपया-रूबल व्यापार इस मुलाकात का तीसरा अहम पहलू स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना है। क्रेमलिन ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए रुपया और रूबल में भुगतान प्रणाली को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। यह कदम वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

सुरक्षा का अभेद्य घेरा और कूटनीतिक संदेश राष्ट्रपति पुतिन के लिए दिल्ली में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है। जिस होटल में वे ठहरेंगे, वहां 24 घंटे दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों की निगरानी रहेगी। पीएम मोदी और पुतिन की यह केमिस्ट्री ऐसे समय में सामने आई है, जब चीन के राष्ट्रपति की मौजूदगी और भारत द्वारा प्रस्तुत दिल्ली डिक्लेरेशन वैश्विक सत्ता परिवर्तन की नई पटकथा लिख सकते हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुतिन के आगमन पर कहा कि भारत और रूस के बीच खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी दशकों से कायम है, जो इस समिट के जरिए और गहराएगी।

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