समुद्री दैत्य को धोबी पछाड़: एक साथ सक्रिय हुए दो वेदर सिस्टम, 16 सितंबर तक देश भर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
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नई दिल्ली: मानसून एक बार फिर अपने रौद्र रूप में लौट आया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बने लो प्रेशर (कम दबाव का क्षेत्र) और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मिलकर देशभर में बारिश का नया दौर शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने 16 सितंबर तक देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

ओडिशा-छत्तीसगढ़ पर सबसे ज्यादा खतरा

कम दबाव वाले क्षेत्र का असर सबसे ज्यादा ओडिशा और छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इन राज्यों में 11 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ओडिशा के कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की आशंका जताई गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का असर

समुद्र तल से 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) मानसून की चाल को और तेज कर रहा है। मानसून की रेखा जम्मू, देहरादून, बरेली से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इसके अलावा, सौराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती सर्कुलेशन बने हुए हैं, जो पूरे देश में नमी खींच रहे हैं।

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में कब बरसेंगे बदरा?

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दायरा बढ़ने वाला है। उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर तक झमाझम बारिश होगी। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में 14 और 15 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। इससे लंबे समय से उमस झेल रहे दिल्लीवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मध्य और पश्चिम भारत: हवा की रफ्तार 60 किमी तक

महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और गुजरात में भी मानसून मेहरबान है। 12 से 14 सितंबर के बीच इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

पूर्वी और दक्षिणी भारत का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 16 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं, दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक जाने की संभावना है।

सावधानी: मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और पहाड़ी राज्यों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं के दौरान बिजली गिरने और पेड़ गिरने की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने का सुझाव दिया गया है।

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