चीन के शिपयार्ड में भीषण आग: मरम्मत के दौरान ओशन मेलोडी बना आग का गोला, 25 लोगों की दर्दनाक मौत
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चीन के किंगदाओ बंदरगाह पर स्थित एक शिपयार्ड में गुरुवार को एक भीषण हादसा हुआ। मरम्मत के लिए खड़े विदेशी मालवाहक जहाज ओशन मेलोडी में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कम से कम 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

हादसे का समय और स्थान यह घटना किंगदाओ शहर के बेहाई शिपबिल्डिंग शिपयार्ड में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुई। आग इतनी भयावह थी कि इसे बुझाने में दमकलकर्मियों को साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर 2:30 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक जहाज के भीतर मौजूद लोग इसकी चपेट में आ चुके थे।

जहाज पर सवार थे 42 लोग हादसे के वक्त जहाज पर कुल 42 लोग मौजूद थे। बचाव कार्यों के दौरान 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि पांच घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। बाकी 25 लोगों की इस अग्निकांड में दर्दनाक मौत हो गई।

क्या था ओशन मेलोडी ? ओशन मेलोडी लाइबेरिया के झंडे वाला एक बल्क कैरियर जहाज था। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज लगभग 20 साल पुराना था। 31 अगस्त को ही यह जहाज मरम्मत और रखरखाव के कार्यों के लिए किंगदाओ बंदरगाह पहुंचा था, जिसके बाद से यह शिपयार्ड में खड़ा था।

आग की असली वजह अभी भी रहस्य फिलहाल आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्हें न तो कोई धमाका सुनाई दिया और न ही किसी प्रकार की गंध महसूस हुई, बस जहाज से अचानक घना धुआं निकलता दिखाई दिया। क्या यह वेल्डिंग के दौरान हुई कोई चूक थी या शॉर्ट सर्किट? इसका जवाब चीनी अधिकारियों की गहन जांच के बाद ही मिल पाएगा।

प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा पर सवाल यह शिपयार्ड चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (CSSC) से जुड़ा हुआ है। चूंकि जहाज मरम्मत के दौरान सुरक्षित स्थान पर था, इसलिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली च्यांग ने घटना का संज्ञान लेते हुए त्वरित बचाव अभियान और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

BRICS शिखर सम्मेलन और चीन यह हादसा ऐसे नाजुक समय में हुआ है जब नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। हालांकि, यह एक औद्योगिक दुर्घटना है जिसका सम्मेलन से सीधा संबंध नहीं है, लेकिन वैश्विक स्तर पर चीन में हुई इस बड़ी त्रासदी ने सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगिक मानकों को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।

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