अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के लिए अब महज दो महीने का समय बचा है। अपनी गिरती लोकप्रियता और रिपब्लिकन पार्टी की कमजोर होती स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा चुनावी दांव चला है। ट्रंप ने वादा किया है कि यदि नवंबर में रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा (House) और सीनेट दोनों पर अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर (करीब 5 लाख रुपये) दिए जाएंगे।
क्या है ‘ट्रंप डिविडेंड’? टेक्सास के डलास में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए ट्रंप ने इस योजना को ट्रंप डिविडेंड का नाम दिया। उन्होंने कहा कि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति के कारण यह संभव हो पा रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इतनी बड़ी धनराशि का फंड कहां से आएगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था फिलहाल बहुत पैसा कमा रही है।
पैसा खर्च करने पर सख्त शर्त ट्रंप ने इस राशि के वितरण के साथ एक खास शर्त भी रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पैसा केवल अमेरिका के भीतर ही खर्च किया जाना चाहिए। ट्रंप नहीं चाहते कि नागरिक इस राशि को लेकर कनाडा, जर्मनी या चीन जैसे देशों में जाकर खर्च करें। आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस योजना पर करीब 1.22 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 11.6 लाख करोड़ रुपये) का खर्च आ सकता है।
क्यों पड़ा ट्रंप को यह दांव चलने की जरूरत? वर्तमान में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अब तक के सबसे निचले स्तर (30 प्रतिशत) पर पहुंच गई है। रॉयटर्स और इप्सॉस के ताजा सर्वे के अनुसार, ईरान के साथ तनाव और घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति से अमेरिकी जनता काफी नाराज है। चुनावी सर्वेक्षणों में डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पर 5 प्रतिशत की बढ़त मिलती दिख रही है।
संसद में कांटे की टक्कर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इस समय रिपब्लिकन के पास 218 और डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को महज तीन सीटें और जीतने की जरूरत है। रिपब्लिकन पार्टी के लिए अपनी पकड़ बचाए रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है, और यही कारण है कि ट्रंप ने चुनाव जीतने के लिए इस लोकलुभावन वादे का सहारा लिया है।
.@POTUS announces the TRUMP DIVIDEND: If Republicans win both the House and the Senate, because of our tremendous economic success, I will issue a dividend to every adult citizen in the United States for $5,000 pic.twitter.com/s4orJJGx9d
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) September 10, 2026
ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ इंडिया-A टीम का ऐलान; हार्दिक पांड्या की वापसी पर टिकी सबकी नज़रें
रीवा: क्या मोर्चरी में भी सुरक्षित नहीं हैं शव? कांग्रेस विधायक के सनसनीखेज दावे से मचा हड़कंप
दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धोनी जैसा कमाल, DRS के नए किंग बने ये 15 साल के बेबी बॉस
ऑनलाइन मंगाया लेटेस्ट एंड्रॉइड फोन, पार्सल खोलते ही उड़े होश—अंदर निकला गाय का गोबर!
IPL 2027: क्या इयोन मॉर्गन होंगे CSK के नए कोच? 20 करोड़ की मांग और धोनी का बड़ा फैसला
BCCI के कामकाज पर सुप्रीम कोर्ट की टेढ़ी नजर: क्या अब नेशनल स्पोर्ट्स एक्ट के दायरे में आएगा क्रिकेट बोर्ड?
देश के 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 65kmph की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं
IAEA का ईरान पर कड़ा प्रहार: 20 साल में पहली बार UN सुरक्षा परिषद को रिपोर्ट, जानिए क्या है पूरा मामला
उज्जैन: क्रेन और भारी मशीनें भी नहीं हिला पाईं 170 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा, अब IIT इंदौर की टीम करेगी जांच
लद्दाख में पर्यटन की रिकॉर्डतोड़ रफ्तार: 8 महीनों में ही टूटा पिछले साल का आंकड़ा