हम बदला नहीं, न्याय चाहते हैं : दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या से दहला समुदाय
News Image

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 6 सितंबर की रात महज शोर-शराबे की शिकायत करने पर 8 लोगों ने 55 वर्षीय विक्रम सिंह का पीछा कर पीट-पीटकर उनकी जान ले ली। इस घटना के बाद से राजधानी में रहने वाला पूर्वोत्तर समुदाय गहरे आक्रोश में है।

विक्रम सिर्फ पति नहीं, मेरी दुनिया थे

विक्रम सिंह की पत्नी जोशना चोंगथम ने एक भावुक बयान में कहा कि वह अभी भी इस कड़वी सच्चाई को स्वीकार करने की कोशिश कर रही हैं। जोशना ने कहा, मेरे पति सिर्फ एक संगीतकार या मेरे जीवनसाथी नहीं थे, वे मेरे बच्चे के पिता और एक बेहद नेक इंसान थे। हमने एक ऐसा व्यक्ति खोया है जिसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।

बदला नहीं, कानून की नजर में न्याय चाहिए

जोशना ने स्पष्ट किया कि उन्हें बदला नहीं, बल्कि न्याय की दरकार है। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपील करते हुए कहा, जो भी इस जघन्य अपराध में शामिल है, उसे कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए। हम चाहते हैं कि विक्रम की स्मृति का सम्मान किया जाए और परिवार को गरिमा के साथ जीने दिया जाए।

पड़ोसी ने बताई उस खौफनाक रात की दास्तान

घटना की रात की गवाही देते हुए पड़ोसी चंदन मिरोडा देवी ने बताया कि उस रात बाहर चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। उन्होंने छत से देखा कि कुछ लोग फोन पर किसी को बुला रहे थे और बार-बार कह रहे थे, इधर आओ, इधर आओ । चंदन देवी के अनुसार, तब उन्हें लगा कि यह शायद कोई मामूली कहासुनी है, लेकिन बाद में जब उन्हें मौत की खबर मिली, तो वे पूरी तरह स्तब्ध रह गईं।

शांत और मिलनसार विक्रम का कभी कोई दुश्मन नहीं था

पड़ोसियों ने विक्रम सिंह को एक बेहद मृदुभाषी और मददगार व्यक्ति के रूप में याद किया। चंदन देवी ने बताया कि विक्रम अक्सर मुस्कुराकर अभिवादन करते थे और अपने घर की छोटी-मोटी खुशियां, जैसे सब्जियां, पड़ोसियों के साथ साझा करते थे। उनके जैसे शांत व्यक्ति के साथ ऐसी क्रूरता ने सभी को झकझोर दिया है।

दिल्ली में सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने दिल्ली में पूर्वोत्तर भारत के लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले भेदभाव के पुराने जख्मों को फिर हरा कर दिया है। चंदन देवी ने स्वीकार किया कि उन्हें भी दिल्ली में चिंकी जैसे अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा है।

विक्रम सिंह की मौत के विरोध में सोमवार रात सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन से उनके घर तक एक कैंडल मार्च निकाला गया। अब पूरे समुदाय की नजरें दिल्ली पुलिस की जांच पर हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

15 साल के वैभव का मास्टरमाइंड दांव: DRS पर कप्तान को सलाह देकर पलटा मैच, वीडियो वायरल

Story 1

बागेश्वर बाबा कौन हैं, मुझे नहीं पता : मछली खाने पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर घिरे, बंगाल में मचा बवाल

Story 1

दलीप ट्रॉफी फाइनल: ईशान किशन के पहाड़ के आगे लड़खड़ाई साउथ जोन, तिलक वर्मा ने बचाई साख

Story 1

बिग बॉस 20: अरिश्फा के तेवर से सहमे घरवाले, कनिका मान के पावर कार्ड ने पलटा खेल

Story 1

गुरुग्राम: खेलती हुई 2 साल की मासूम को कार ने रौंदा, मां की आंखों के सामने हुआ दर्दनाक अंत

Story 1

मां दुर्गा के 11 हाथ! विज्ञापन पर मचे सियासी बवाल के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगी माफी

Story 1

वडोदरा में गरजे पीएम मोदी: नाराज फूफा गैंग पर साधा निशाना, विकास के नाम पर विपक्ष को घेरा

Story 1

6G की वैश्विक रेस में भारत की धाक: अमेरिका समेत 26 देशों के साथ मिलकर तय करेगा इंटरनेट का भविष्य

Story 1

दिल्ली बिल्डिंग हादसा: 7 मौतों के बाद मालिक-पत्नी जेल में, बेटे पर शिकंजा; HC ने MCD को घेरा

Story 1

बंगाली वही खाएंगे जो हमेशा खाते आए हैं , बागेश्वर बाबा के बयान पर डैमेज कंट्रोल में जुटी BJP