यमन और सऊदी अरब के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। यमनी सेना (हूती विद्रोहियों) ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार कर दी है। इस हमले में सऊदी की सरकारी तेल कंपनी अरामको के ठिकाने और कई बड़े सैन्य हवाई अड्डे सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
जिजान रिफाइनरी बनी तबाही का केंद्र हमले का सबसे भयावह नजारा जिजान रिफाइनरी में देखा गया, जहां से काले धुएं का गुबार आसमान छूता दिखाई दिया। यह रिफाइनरी सऊदी अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है, जहां प्रतिदिन चार लाख बैरल तेल रिफाइन किया जाता है। हूतियों ने इसे अपनी रणनीतिक जीत बताते हुए दावा किया है कि उन्होंने सऊदी की सबसे कमजोर तेल नब्ज पर सटीक प्रहार किया है।
121 हवाई हमलों का करारा जवाब हूतियों का कहना है कि यह हमला सऊदी अरब द्वारा पिछले तीन दिनों में किए गए 121 हवाई हमलों का बदला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सऊदी ने यमन की एक जेल पर भीषण बमबारी की थी, जिसमें एक बच्चे समेत सात लोगों की जान चली गई। यमनी सेना के अनुसार, उनका यह पलटवार उसी बर्बरता का जवाब है।
इन इलाकों में मचा है हड़कंप ताजा हमलों में आभा एयरपोर्ट, किंग खालिद एयरबेस और खमीस मुशायत जैसे महत्वपूर्ण ठिकाने निशाने पर रहे। सोमवार को हुए इन हमलों में अब तक 73 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। इससे पहले जुलाई में हूतियों द्वारा समुद्री घेराबंदी की घोषणा के बाद से लाल सागर में तनाव पहले से ही चरम पर है।
सऊदी गठबंधन की चेतावनी, कड़े जवाब के संकेत सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इन हमलों को देश की संप्रभुता पर सीधा प्रहार बताया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चेतावनी देते हुए कहा कि गठबंधन आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले इन हमलों का मुंहतोड़ और सैन्य कार्रवाई के जरिए कड़ा जवाब देगा।
मक्का समझौते की अग्निपरीक्षा इस हमले ने सऊदी अरब के लिए एक नई कूटनीतिक चुनौती भी खड़ी कर दी है। 7 अगस्त को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुआ मक्का सुरक्षा समझौता अब सवालों के घेरे में है। करार के मुताबिक, एक देश पर हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाना था। अब दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या तुर्की और पाकिस्तान अपने वादे पर कायम रहते हुए इस जंग में सक्रिय भूमिका निभाते हैं या यह समझौता केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा।
🚨 Yemeni Armed Forces Statement:
— رضوانہ (@Rizvana_72) September 8, 2026
Yemen says its people have faced Saudi aggression and blockade for 12 years, while Saudi forces allegedly carried out 121 airstrikes in only three days.
• The strikes reportedly originated from King Khalid and King Fahd Air Bases, hitting… pic.twitter.com/5ZcFyDG5Yj
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