अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया से बाहर होना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। लेकिन ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ 270 रनों की विशाल पारी खेलकर आलोचकों को करारा जवाब दिया है। अपनी इस शानदार पारी के बाद 28 वर्षीय ईशान ने वापसी के संघर्ष और अपनी मानसिक सोच में आए बदलावों पर खुलकर बात की।
शून्य से शुरुआत करने का अनुभव ईशान का मानना है कि भारतीय टीम से बाहर होने के बाद घरेलू क्रिकेट में वापसी करना उनके लिए एक आई-ओपनर रहा है। उन्होंने कहा, जब आप लगातार टीम इंडिया के लिए खेलते हैं, तो एक फ्लो में रहते हुए आपका विकास थम जाता है। जब आप एक कदम पीछे हटकर घरेलू क्रिकेट में वापस आते हैं, तो आपको शून्य से शुरुआत करनी पड़ती है। तब आपको अहसास होता है कि अगर वापसी करनी है, तो बाकी खिलाड़ियों से कहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
क्यों नहीं बदल रहे थे शुरुआत को बड़े स्कोर में? ईशान ने स्वीकार किया कि पहले उन्हें अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने बताया, आपकी बल्लेबाजी तकनीक में ज्यादा बदलाव नहीं आता, लेकिन आपकी सोच बदलती है। टीम से बाहर रहने के दौरान मुझे यह समझने का मौका मिला कि मुझसे कहां चूक हो रही थी। अब मैं मैच के हालात को बेहतर ढंग से पढ़ना सीख गया हूँ।
कप्तानी ने बनाया परिपक्व खिलाड़ी झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताने और अब दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की कप्तानी करने के अनुभव को उन्होंने गेम-चेंजर बताया। ईशान ने कहा, एक कप्तान के तौर पर मैदान पर पूरे दिन चौकन्ना रहना पड़ता है। यह सिर्फ अपनी बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने साथियों का ध्यान रखना और उन्हें बेहतर बनाने में मदद करना भी आपकी जिम्मेदारी है।
बदली सोच, बेहतर प्रदर्शन ईशान का मानना है कि कप्तानी की जिम्मेदारी ने उन्हें एक परिपक्व इंसान बनाया है। उन्होंने कहा, पहले हम सिर्फ अपनी नेट प्रैक्टिस और रूटीन पर ध्यान देते थे। लेकिन अब चीजों को लेकर मेरी समझ शांत हो गई है। जब आप अपने साथी खिलाड़ियों को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, तो टीम का लक्ष्य अपने आप हासिल हो जाता है। इस प्रक्रिया ने मेरे खेल को एक नई दिशा दी है।
ईशान किशन की यह परिपक्वता और रनों की भूख साफ दर्शा रही है कि वे अब टीम इंडिया में अपनी वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी यह नई सोच आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
A double in the Duleep Trophy final for Ishan Kishan 👏 pic.twitter.com/1PvXZJlMIP
— Cricinfo (@cricinfo) September 7, 2026
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