पश्चिम बंगाल में इस साल दुर्गा पूजा का उत्सव पहले से कहीं अधिक अनुशासित और व्यवस्थित होगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने महाअष्टमी के पवित्र दिन राज्य में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
महाअष्टमी पर मदिरा निषेध कोलकाता के मिलन मेला परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महाअष्टमी का दिन बंगाल की संस्कृति और आस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु इस दिन मां दुर्गा की संधि पूजा और पुष्पांजलि में भाग लेते हैं। भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य की सभी शराब की दुकानें और बार इस दिन पूरी तरह बंद रहेंगे।
DJ पर लगा लगाम पूजा पंडालों और विसर्जन के दौरान होने वाले ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने डीजे बजाने पर भी सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
पश्चिम बंगाल से बाल विवाह और टीनेज डिलीवरी के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में महज छह महीने के भीतर करीब 60,000 नाबालिग लड़कियों की डिलीवरी दर्ज की गई है।
मुर्शिदाबाद सबसे संवेदनशील सीएम के अनुसार, बाल विवाह और टीनेज डिलीवरी के मामलों में बंगाल पूरे भारत में शीर्ष पर है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले मुर्शिदाबाद जिले में 13,000 मामले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर डेटा छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सही जानकारी न होने के कारण पहले इन कमियों पर काम नहीं हो सका।
एक महीने का विशेष अभियान सरकार अब इस कलंक को मिटाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। राज्यभर में एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें जन्म प्रमाण पत्रों का गहन सत्यापन होगा। दोषी पाए जाने पर पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारियां करेगी। सीएम ने चेतावनी दी है कि बाल विवाह में सहयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार एक नया कानून लाने जा रही है। इसके तहत अब राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जा सकेगा।
अनुभव का होगा आदान-प्रदान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अनुभवी प्रोफेसरों के नए विश्वविद्यालयों में जाने से वहां की लैब, लाइब्रेरी और शैक्षणिक वातावरण में सुधार आएगा। सरकार का मानना है कि मानव संसाधन के बेहतर प्रबंधन से उच्च शिक्षा तंत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
*#WATCH | Howrah: West Bengal CM Suvendu Adhikari says, After the new government came to power in West Bengal, we have been working in every sector. The previous government had not sent any data to the Central Government. We did not know what the shortcomings were. A very… pic.twitter.com/CbIetaHnGQ
— ANI (@ANI) September 7, 2026
बिग बॉस 20: बाप पर मत जा... काजी तौकीर और युंग डीएसए के बीच तीखी बहस
दलीप ट्रॉफी फाइनल: नाबाद 250 रन बनाने के बाद आखिर क्यों पवेलियन लौटे ईशान किशन?
PCB का बड़ा एक्शन: रिजवान और इमाम-उल-हक के फोन जब्त, क्या है फिक्सिंग या अनुशासन का संशय?
कैंसर जागरूकता रैली या वीआईपी उपेक्षा? जाम में फंसी महिला की रोती हुई गुहार वायरल
विधानसभा में जब विपक्षी विधायक के लिए CM विजय ने छोड़ी कुर्सी, वीडियो देख दंग रह गए लोग
मास्को में फंसे कानपुर के चंदन गुप्ता: पत्नी ने PM मोदी और CM योगी से लगाई मदद की गुहार
सत्या निकेतन हादसा: पब्लिक एजुकेशन की कब्र बन गई है दिल्ली , मनोज झा ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी
दुनिया का नक्शा अब बदलेगा: 500 साल पुरानी गलती सुधारेगा UN का नया इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन
भारत की नकल करना PAK को पड़ा भारी! इस प्रोपेगेंडा वीडियो में उड़ गया खुद का मजाक
सत्य निकेतन हादसा: मलबे में दबे छात्र ने वीडियो कॉल कर मांगी जान, 50 साल पुरानी बिल्डिंग बनी मौत का जाल