सत्य निकेतन हादसा: हॉस्टल डेज की नींव खोखली, बेसमेंट में चल रहा था निर्माण और फिर हुआ मौत का तांडव
News Image

साउथ-वेस्ट दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका रविवार को एक जोरदार धमाके से दहल उठा। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों से गुलजार रहने वाला 5 मंजिला पीजी हॉस्टल डेज देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

बेसमेंट में चल रहा था निर्माण कार्य स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिल्डिंग के बेसमेंट में लंबे समय से मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा था। स्थानीय निवासी राजेन छेत्री ने बताया कि नींव काफी कमजोर थी और बेसमेंट में पानी जमा होने लगा था। बावजूद इसके, वहां निर्माण कार्य जारी रहा, जो हादसे की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।

मौत का जाल बना हॉस्टल डेज यह बिल्डिंग पुरानी थी और इसमें करीब 15 कमरे थे। एक छात्र को रहने के लिए 12,000 रुपये तक चुकाने पड़ते थे। हर फ्लोर पर करीब 10 छात्र रहते थे, जिनमें मोतीलाल नेहरू, वेंकटेश्वर, जेएमसी, गार्गी और मैत्री जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों के छात्र शामिल थे। रविवार होने के कारण हादसे के वक्त बड़ी संख्या में छात्र कमरों में मौजूद थे।

भूकंप जैसे झटके और मलबे का ढेर बिल्डिंग गिरने से पहले आसपास के लोगों को जोरदार कंपन महसूस हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे भूकंप आया हो। जब वे बाहर निकले तो पूरा पीजी जमींदोज हो चुका था। प्रशासन के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने अपने हाथों से मलबा हटाकर छात्रों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी थी।

सुरक्षा की अनदेखी, मुनाफा सर्वोपरि इस हादसे ने सत्य निकेतन की उन हज़ारों इमारतों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन्हें बिना किसी सुरक्षा मानक के पीजी में तब्दील कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां की अधिकांश इमारतें 20 साल से ज्यादा पुरानी हैं, जिनका कोई स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं हुआ है। मालिकाना हक रखने वाले लोग घरों को पीजी बनाकर ऑनलाइन किराया वसूल रहे हैं, लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर कुछ नहीं होता।

प्रशासनिक और बचाव कार्य सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मलबे के नीचे दबे अन्य छात्रों के लिए बचाव दल हर संभव कोशिश कर रहा है। घटना के बाद इलाके की अन्य जर्जर इमारतों पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

वैश्विक मंच पर गूंजा भारत का डिजिटल डंका: राघव चड्ढा ने बताया कैसे तकनीक से बदल रही आम आदमी की तकदीर

Story 1

गोविंदा के रहस्यमयी बयान से मची खलबली: क्या पत्नी सुनीता से बढ़ गई है दूरी?

Story 1

ISRO का महा-संकल्प: 2035 में अपना स्पेस स्टेशन और 2040 तक चाँद पर कदम रखेगा भारत

Story 1

दिल्ली में दर्दनाक हादसा: ढही 5 मंजिल की पीजी इमारत, मलबे में दबे छात्रों की गूंजती आवाजें

Story 1

जेल में बंद स्वतंत्र भारद्वाज को जान का खतरा? वकील ने सुरक्षा को लेकर जताई बड़ी चिंता

Story 1

दिलीप ट्रॉफी फाइनल: ईशान किशन का धमाका, चयनकर्ता अजीत अगरकर के सामने ठोका शतक

Story 1

सत्य निकेतन इमारत हादसा: मलबे में दबे छात्रों को बचाने की जंग, दीपेंद्र हुड्डा ने उठाए सिस्टम पर सवाल

Story 1

शी जिनपिंग की सक्रिय कूटनीति: क्या ट्रंप से मुलाकात से पहले चीन बदल रहा है अपनी चाल?

Story 1

बड़ी खबर: जिला सहकारी बैंक चुनाव के लिए BJP की लिस्ट जारी, इन 5 चेहरों पर लगाया बड़ा दांव

Story 1

दिल्ली हादसा: सत्य निकेतन में गिरी इमारत, 5 की मौत; MCD दफ्तर में ABVP का बवाल