उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में अवैध धार्मिक ढांचे को गिराए जाने के बाद एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे के नीचे से एक प्राचीन कुआं बरामद हुआ है, जिसने प्रशासन और पुरातत्व विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई माननीय न्यायालय के सख्त निर्देशों के अनुपालन में की गई थी। मस्जिद के मलबे को हटाने के दौरान जमीन के भीतर ईंटों से बनी एक प्राचीन संरचना दिखाई दी, जो प्रथम दृष्टया कुआं प्रतीत होती है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इसे फिलहाल ढक दिया है और विशेषज्ञों की टीम इसकी ऐतिहासिक गहराई और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है।
विवादित मलबा शहर से दूर फेंका गया प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए मलबे को कलेक्ट्रेट परिसर में बिल्कुल नहीं रहने दिया। मलबे के हर टुकड़े को उठाकर घटना स्थल से लगभग दस किलोमीटर दूर डंप कर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करना था। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सियासी तापमान में उबाल और सपा का रुख इस ध्वस्तीकरण को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। सपा का कहना है कि प्रशासन ने पहले ढांचे को केवल सील करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में बुलडोजर चलवा दिया गया। अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सच्चाई जानने के लिए सहारनपुर पहुंच रहा है।
सांसद इकरा हसन को पुलिस ने रोका विवाद उस समय और बढ़ गया जब कैराना से सपा सांसद इकरा हसन को सहारनपुर जाने से पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद सड़क पर ही पुलिस और सांसद के बीच तीखी झड़प हुई। फिलहाल, विपक्षी दल इसे सरकार की दमनकारी नीति करार देते हुए लगातार हमलावर हैं।
2025 में शुरू हुआ था कानूनी संघर्ष यह विवाद साल 2025 में तब शुरू हुआ था जब बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक विकास त्यागी ने नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर कर मस्जिद को अवैध बताया था। 16 जुलाई 2026 को नगर मजिस्ट्रेट ने इसे अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। इंतजामिया कमेटी ने जिला अदालत में अपील की, लेकिन वहां भी फैसला प्रशासन के पक्ष में रहा और निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा गया। बहरहाल, अब सबकी निगाहें कुएं के रहस्य और इस पर होने वाली आगामी जांच पर टिकी हैं।
*#WATCH | Saharanpur, Uttar Pradesh: A well has been discovered at the demolition site where a mosque inside the Saharanpur Collectorate was demolished yesterday.
— ANI (@ANI) September 6, 2026
SDM Sadar Subodh Kumar stated that technical teams and concerned agencies will investigate to determine the scale… https://t.co/YKwKgKQeCj pic.twitter.com/YC2oHUSGlz
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