सुदिव्य कुमार सोनू का निधन: झामुमो को बड़ा झटका, हेमंत सोरेन के करीबी मंत्री ने दुनिया को कहा अलविदा
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झारखंड की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य सरकार में मंत्री और गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक निधन हो गया है। उनके असामयिक निधन से झामुमो खेमे में शोक की लहर दौड़ गई है।

रात में बिगड़ी तबीयत और अस्पताल का सफर मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (05 सितंबर) देर रात सुदिव्य कुमार सोनू अपने गिरिडीह स्थित आवास पर थे। रात करीब 12 बजे उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। शुरुआत में इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन रात दो बजे के करीब स्थिति गंभीर हो गई। परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों के अनुसार, मौत का संभावित कारण हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है।

हेमंत सोरेन के भरोसेमंद और कददावर नेता सुदिव्य कुमार सोनू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बेहद करीबी माने जाते थे। 2019 में पहली बार गिरिडीह सदर सीट से विधायक चुने गए सोनू ने 2024 में दोबारा जीत हासिल कर अपनी धाक जमाई थी। उनकी लोकप्रियता और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें हेमंत कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी दी गई थी।

सरकार में संभाले थे कई बड़े विभाग मंत्री के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू के पास राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभाग थे। वे नगर विकास और आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति के साथ-साथ खेलकूद और युवा कार्य विभाग संभाल रहे थे। राज्य के विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उनके निधन को सरकार के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

झामुमो परिवार में शोक की लहर पार्टी ने आधिकारिक तौर पर उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उन्हें एक समर्पित साथी बताया और कहा कि उनका जाना पार्टी और पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। सोनू के अचानक चले जाने से उनका परिवार गहरे सदमे में है।

राजनीतिक सफर का अंत अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह के विकास के लिए कई काम किए। एक जमीनी नेता के रूप में उनकी पहचान थी। उनके अचानक निधन से उनके समर्थक और स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। अस्पताल के बाहर समर्थकों और कार्यकर्ताओं का तांता लगा हुआ है, जो अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए जुटे हैं।

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