शेयर बाजार में पैसा बनाना जितना रोमांचक लगता है, उसे बचाए रखना उतना ही चुनौतीपूर्ण है। अक्सर निवेशक बाजार के जाल में फंसकर अपनी पूंजी गंवा देते हैं। दिग्गज निवेशक और फर्स्ट ग्लोबल की फाउंडर देविना मेहरा के अनुसार, बाजार की चाल से ज्यादा निवेशकों का गलत व्यवहार उनके घाटे का कारण बनता है।
मेहरा ने उन तीन मुख्य गलतियों की पहचान की है, जो निवेशकों के पोर्टफोलियो को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं।
निवेशक अक्सर सबसे बड़ी गलती अपने मुनाफे वाले शेयरों (Winners) को जल्दी बेचकर करते हैं। उन्हें लगता है कि शेयर का दाम काफी बढ़ गया है, इसलिए अब प्रॉफिट बुकिंग कर लेनी चाहिए।
मेहरा कहती हैं कि किसी स्टॉक का दो-तीन गुना हो जाना इस बात का संकेत नहीं है कि उसकी तेजी खत्म हो गई है। कई मल्टीबैगर इसलिए बड़े रिटर्न देते हैं क्योंकि उन्हें सही समय तक होल्ड किया जाता है। बेचने का फैसला इस आधार पर न लें कि शेयर कितना बढ़ गया है, बल्कि इस पर लें कि क्या कंपनी के विकास की मूल वजह अभी भी बरकरार है।
दूसरी बड़ी गलती उन शेयरों के साथ होती है जो उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। निवेशक अक्सर बायिंग प्राइस (जिस कीमत पर खरीदा था) के जाल में फंस जाते हैं। वे शेयर को तब तक नहीं बेचते जब तक कि वह वापस अपनी खरीद कीमत तक न आ जाए।
मेहरा के अनुसार, यह एक खतरनाक मानसिक जाल है। अगर कंपनी का बिजनेस और ग्रोथ की कहानी बदल चुकी है, तो उसे सिर्फ पुरानी कीमत के इंतजार में होल्ड करना बेवकूफी है। निवेश की धारणा गलत साबित होने पर उसे तुरंत सुधारना ही समझदारी है।
तीसरी गलती उन शेयरों के साथ होती है जो न ज्यादा गिर रहे होते हैं और न बढ़ रहे होते हैं। निवेशक इन्हें पोर्टफोलियो में बस छोड़ देते हैं। समय के साथ उन पर ध्यान देना लगभग बंद हो जाता है।
देविना मेहरा का मानना है कि पोर्टफोलियो की नियमित समीक्षा बहुत जरूरी है। बाजार में कई बार ऐसे शेयर लंबे समय तक पड़े रहते हैं जिनमें कोई भविष्य नहीं होता। केवल इसलिए किसी शेयर को पोर्टफोलियो में न रखें क्योंकि वह पहले से वहां मौजूद है।
इन गलतियों से निकलने का एकमात्र उपाय नियमित पोर्टफोलियो रिव्यू है। मेहरा हर निवेशक को सलाह देती हैं कि वे अपने पोर्टफोलियो के हर शेयर से ये तीन सवाल पूछें:
तीसरा सवाल आपको भावनात्मक लगाव से बाहर निकालने में मदद करेगा और एक स्पष्ट फैसला लेने में सहायक होगा। अपनी निवेश यात्रा को सफल बनाने के लिए केवल बाजार को न देखें, अपने फैसलों की समय-समय पर समीक्षा करना भी उतना ही जरूरी है।
मैं अक्सर निवेशकों को stocks के साथ एक सी ही गलतियां करते हुए देखती हूँ।
— Devina Mehra (@devinamehra) September 2, 2026
क्या करते हैं हम जब कोई stock बहुत अच्छा perform करने लगता है... और तब जब वह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता?
दोनों ही तरफ हम शायद वही करते हैं जो नहीं करना चाहिए।
और कुछ ऐसा भी होता है जिसे हम भूलना चाहते हैं… pic.twitter.com/M06VoEEsaN
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