राम मंदिर की नई कमान: CEO की नियुक्ति से क्या बदलेगा, और किसके हाथ में रहेगी असली ताकत?
News Image

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। पहली बार मंदिर के कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की गई है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सत्ता का स्पष्ट बंटवारा: क्या CEO स्वतंत्र होगा?

नई व्यवस्था में CEO को ट्रस्ट से ऊपर कोई स्वतंत्र निर्णय लेने वाली संस्था नहीं बनाया गया है। अधिकार स्पष्ट हैं—ट्रस्ट नीतियां बनाएगा और बड़े फैसले लेगा, जबकि CEO उन फैसलों को जमीन पर उतारने और दैनिक कामकाज को सुचारु बनाने का काम करेंगे। CEO सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे, जिससे भविष्य में किसी भी प्रशासनिक टकराव की गुंजाइश खत्म कर दी गई है।

1,882 करोड़ का बजट और पारदर्शी प्रबंधन

मंदिर का वित्तीय दायरा तेजी से बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, ट्रस्ट के पास 1,882 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध है। वर्ष के दौरान 237 करोड़ की आय और निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ का खर्च हुआ है। इस विशाल वित्तीय प्रबंधन को संभालने के लिए CEO की भूमिका अहम होगी।

तकनीक का सहारा: चढ़ावे में कम होगा मानवीय हस्तक्षेप

दानपात्रों में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता लाने के लिए ट्रस्ट तकनीक पर जोर दे रहा है। महामंत्री गोविंद देव गिरि के अनुसार, मानवीय हस्तक्षेप घटाने के लिए नई तकनीकी व्यवस्था पर काम चल रहा है। इसके लिए दो बैंक और एक आईआईटी से प्रस्ताव मिले हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है।

दर्शन से लेकर सुरक्षा तक: CEO का दायरा

CEO की जिम्मेदारी केवल दफ्तर तक सीमित नहीं होगी। वे मंदिर में दर्शन प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा, स्वच्छता, और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखेंगे। रामनवमी और दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजनों की पूर्व तैयारी की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होगी। हालांकि, मंदिर का धार्मिक स्वरूप और परंपराएं ट्रस्ट और संत समाज के अधीन ही रहेंगी।

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा: एक फाइटर पायलट से राम मंदिर तक

नए CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का करियर शानदार रहा है। वे ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहे हैं। इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद और अपना सौभाग्य बताया। अब वे फाइटर जेट्स की उड़ान के बाद राम मंदिर की प्रशासनिक कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

आधार में जन्मतिथि गलत है? दूसरी बार अपडेट कराने से पहले जान लें ये कड़े नियम

Story 1

Vivo Buds की भारत में एंट्री: 50 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ जल्द मचायेंगे धमाल

Story 1

भारत के नए सुपरस्टार वैभव सूर्यवंशी का जलवा: अफगानिस्तान सीरीज से पहले दलीप ट्रॉफी के फाइनल में मचाएंगे धमाल

Story 1

वंदे मातरम पर गहराया विवाद: राष्ट्रपति भी कहें तब भी नहीं गाएंगे , मौलाना साजिद रशीदी का बड़ा बयान

Story 1

मिर्जापुर द मूवी: बॉक्स ऑफिस पर दिखेगा कालीन भैया का जलवा, पहले दिन हो सकती है करोड़ों की कमाई!

Story 1

अखिलेश यादव को भेज देना वीडियो , मूंछों पर ताव देते DSP का बेबाक अंदाज वायरल

Story 1

बस में दरिंदगी: युवती के सामने युवक ने की अश्लील हरकत, तो मिला जोरदार तमाचा

Story 1

सिर फोड़ा, जेल नहीं गए... : जंतर-मंतर हमले का आरोपी बोला- कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाई हैं

Story 1

पानी में डूबी सड़क, ठेले पर सवार हुई बाइक: यूपी पुलिस का जुगाड़ वीडियो हुआ वायरल

Story 1

भगवान ने मुझे चुना है : राम मंदिर ट्रस्ट की नई सदस्य निर्मला यादव ने संभाली जिम्मेदारी