जी (Zee) ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा ने अपनी पर्सनल इनसॉल्वेंसी (व्यक्तिगत दिवालियापन) प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बाद अपना पक्ष रखा है। उन्होंने साफ किया है कि यह पूरा मामला उनकी व्यक्तिगत उधारी से नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट गारंटी से जुड़ा है।
पर्सनल गारंटी बनाम व्यक्तिगत कर्ज सुभाष चंद्रा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कोई कर्ज नहीं लिया था। उन्होंने विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थाओं द्वारा लिए गए ऋणों के लिए केवल पर्सनल गारंटी दी थी। इसी गारंटी के आधार पर क्रेडिटर्स (ऋणदाता) ने उनके खिलाफ इनसॉल्वेंसी की कार्यवाही शुरू की है।
NCLT में क्या है मामला? नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चल रही इस प्रक्रिया में चंद्रा के लिए एक पुनर्भुगतान योजना (Repayment Plan) को मंजूरी दी गई है। इसके तहत करीब ₹6.5 करोड़ का भुगतान प्रस्तावित है, जबकि बैंकों ने उनके खिलाफ कुल ₹22,006.57 करोड़ के दावे पेश किए हैं।
सोशल मीडिया पर गलतफहमी का आरोप चंद्रा ने सोशल मीडिया पर चल रहे कैंपेन और नकारात्मक चर्चाओं पर कहा कि मामले को लेकर लोगों में गलत धारणा बनी है। उन्होंने कहा कि कर्ज लेने वाली कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों के साथ-साथ NBFC से भारी मात्रा में फंड जुटाया था।
अस्तित्व में हैं संपत्ति और सेटलमेंट चंद्रा का दावा है कि इन कॉर्पोरेट कर्जों का एक बड़ा हिस्सा पहले ही चुकाया जा चुका है या सेटलमेंट की प्रक्रिया में है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जो बकाया रकम बाकी है, उसके लिए पर्याप्त संपत्ति (Assets) मौजूद है, जिसके आधार पर भविष्य में भुगतान संभव है।
क्रेडिटर्स से हिसाब मिलान की अपील सुभाष चंद्रा ने ऋणदाताओं से अपील की है कि वे खातों का मिलान करें। उन्होंने कहा कि अगर कर्ज देने वाले और लेने वाले एक साथ बैठकर हिसाब मिलाएं, तो स्पष्ट हो जाएगा कि कितनी राशि पहले ही लौटाई जा चुकी है। उनका मानना है कि रिकवरी के लिए कॉर्पोरेट स्तर पर एसेट का सही आकलन किया जाना जरूरी है।
I have seen & observed social media posts since past 3 days on the issue. Some of the posts also included hashtags like #PaiseVapasKaro.There has been a wrong perception & understanding about the matter. Hence,I am giving a detailed account of the entire matter. pic.twitter.com/UbL5xXFq6L
— Subhash Chandra (@subhashchandra) August 30, 2026
तिनके की तरह बह गया पूरा घर: नेपाल में बाढ़ के बीच मौत के मुंह से बाहर निकलीं मां-बेटी
बाढ़ के तांडव में अजेय बना रहा यह हरा घर, मौत के मुंह से यूं बची परिवार की जान
टोरंटो में गरजे मोहन भागवत: कहा- भारत ने हमेशा हर जरूरतमंद को दी पनाह
कीव दहला: रूसी ड्रोन हमले में 38 लोगों की मौत, मलबे में तब्दील हुआ गोला-बारूद डिपो
IPL 2027: क्या इम्पैक्ट प्लेयर नियम का होगा अंत? BCCI ने 10 टीमों से मांगा फीडबैक
गोरखपुर का स्पेन कनेक्शन: रवि किशन के बयान पर मचा बवाल, सपा नेत्री ने कसा तंज
लखनऊ में सनसनीखेज वारदात: कुलदीप सिंह सेंगर के करीबी धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या, नहर में मिला शव
ग्रैंड कैन्यन का रौद्र रूप: फ्लैश फ्लड में 20 से ज्यादा लोग लापता, मची भारी तबाही
इस्लाम सबसे श्रेष्ठ : कर्नाटक के मंत्री के बयान पर घिरी कांग्रेस, बीजेपी ने मांगा इस्तीफा
टैबलेट की बैटरी खत्म हुई तो मां ने निकाला अनूठा रास्ता: ऑटिस्टिक बेटे की आवाज बनी यह तकनीक