ब्रह्मांड का 3D नक्शा बनाएगा NASA का नया टेलीस्कोप, अरबों आकाशगंगाओं के खुलेंगे राज़
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अंतरिक्ष की गहराइयों को समझने के लिए वैज्ञानिकों को एक नई और शक्तिशाली आंख मिल गई है। नासा ने अपने बहुप्रतीक्षित नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह अत्याधुनिक दूरबीन अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस-एक्स के फाल्कन हैवी रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष की अनंत यात्रा पर निकल चुकी है।

लैग्रेंज पॉइंट-2 पर बनेगी नई लैब यह टेलीस्कोप पृथ्वी से लगभग 16 लाख किलोमीटर दूर लैग्रेंज पॉइंट-2 (L2) की ओर बढ़ रहा है। यह वही विशिष्ट स्थान है जहां पहले से ही जेम्स वेब टेलीस्कोप तैनात है। हबल और जेम्स वेब के बाद, इसे अंतरिक्ष में मानव इतिहास की तीसरी सबसे ताकतवर दूरबीन माना जा रहा है।

कौन थीं नैंसी ग्रेस रोमन? इस टेलीस्कोप का नाम नासा की पहली चीफ एस्ट्रोनॉमर नैंसी ग्रेस रोमन के सम्मान में रखा गया है। उन्हें मदर ऑफ हबल के नाम से जाना जाता है क्योंकि 1960 के दशक में अंतरिक्ष में दूरबीन भेजने की नींव उन्हीं ने रखी थी। यह नासा के इतिहास में पहला मौका है जब किसी बड़े मिशन का नाम एक महिला वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया है।

हबल से 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली रोमन टेलीस्कोप की सबसे बड़ी खासियत इसकी वाइड-एंगल क्षमता है। यह हबल टेलीस्कोप की तुलना में 100 गुना बड़ा इलाका एक ही बार में देख सकता है। जो काम करने में हबल को 100 साल लग सकते थे, यह टेलीस्कोप उसे महज एक महीने में पूरा करने की क्षमता रखता है। इसमें लगा विशेष कोरोनाग्राफ तारों की तेज चमक को छिपाकर उनके पीछे छिपे धुंधले ग्रहों की सीधी तस्वीरें लेने में सक्षम है।

ब्रह्मांड के रहस्यों की नई खोज यह मिशन ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों को सुलझाने में जुटा रहेगा:

जेम्स वेब के साथ मिलकर करेगा काम जेम्स वेब टेलीस्कोप और रोमन टेलीस्कोप एक-दूसरे के पूरक होंगे। जहां जेम्स वेब किसी खास तारे या गैलेक्सी की गहराई से क्लोज-अप तस्वीरें लेता है, वहीं रोमन टेलीस्कोप पूरे ब्रह्मांड का व्यापक वाइड-एंगल व्यू देगा। यह टेलीस्कोप पहले बड़े हिस्से को स्कैन करेगा और फिर महत्वपूर्ण चीजों की बारीक पड़ताल के लिए जेम्स वेब को संकेत देगा।

आने वाले तीन महीनों में यह टेलीस्कोप अपनी अंतिम जांच पूरी करेगा और 2027 की शुरुआत से अंतरिक्ष की पहली अद्भुत तस्वीरें दुनिया के सामने लाएगा।

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