हिमालय की गोद में आई अचानक बाढ़ ने नेपाल और चीन के बीच स्थित रसुवागढ़ी क्रॉसिंग का नामोनिशान मिटा दिया है। नई सैटेलाइट तस्वीरों ने इस तबाही की भयावह सच्चाई दुनिया के सामने ला दी है, जिसमें पूरा का पूरा बुनियादी ढांचा मलबे के नीचे दफ्न नजर आ रहा है।
डिजिटल सैटेलाइट कंपनी वेंटर ने 19 अप्रैल और 27 अगस्त की तस्वीरों की तुलना की है। अप्रैल की तस्वीर में जहां पक्की सड़कें, बहुमंजिला इमारतें और बॉर्डर सुविधाएं साफ दिख रही थीं, वहीं आपदा के बाद की तस्वीरों में वहां सिर्फ चट्टान, कीचड़ और मलबा नजर आ रहा है। बॉर्डर की मुख्य इमारतें पूरी तरह से गायब हो चुकी हैं।
वैज्ञानिकों और यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इस त्रासदी की शुरुआत लांगटांग लिरुंग पर्वत पर एक ग्लेशियर के ढहने से हुई थी। ग्लेशियर के साथ पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भी नीचे आ गिरा, जिससे बर्फ और पत्थर का विशाल हिमस्खलन हुआ। देखते ही देखते यह मलबा नदी प्रणाली में मिल गया और एक शक्तिशाली डेब्रिस फ्लो (मलबे का बहाव) में बदल गया, जिसने रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर दिया।
यह आपदा न केवल मानवीय दृष्टि से दुखद है, बल्कि आर्थिक रूप से भी बड़ा प्रहार है। रसुवागढ़ी मार्ग नेपाल और चीन के बीच व्यापार का प्रमुख जरिया है। 2024 में दोनों देशों के बीच करीब 30% व्यापार इसी रास्ते से होता था। 1 जनवरी, 2026 को ही इस मार्ग को पूरी तरह सुचारू किया गया था, लेकिन आठ महीने के भीतर आई इस बाढ़ ने इसे फिर से ठप कर दिया है।
इस भीषण आपदा में अब तक 626 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 2,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इलाके के 35 से अधिक पुल और करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़कें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। त्रिशूली नदी के किनारे बसे कई टूरिस्ट पॉइंट और बुनियादी ढाँचे भी मलबे की चपेट में हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Our thoughts are with the communities affected by this week’s devastating flash floods in Nepal.
— Vantor (@vantortech) August 27, 2026
To support ongoing response and recovery efforts, Vantor has activated its Open Data Program, providing free access to high-resolution satellite imagery for frontline organizations… pic.twitter.com/RqQJdqAghr
भारत की मिसाइल शक्ति से थरथराए पड़ोसी, हिंद महासागर में 3000 किमी का नो-फ्लाई ज़ोन घोषित
ताशकंद में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में दी श्रद्धांजलि
क्या गुरुग्राम को मिलेगी जलभराव से मुक्ति? जापानी तकनीक से बदलेगा शहर का ड्रेनेज सिस्टम
एशियन गेम्स से पहले भारत को बड़ा झटका: चोट के चलते नीरज चोपड़ा सीजन से बाहर
पीडीए की आंधी से विरोधियों के पेट में दर्द: अखिलेश यादव का बड़ा सियासी दांव
बाढ़ के पानी में बहकर आया बैंक लॉकर, लूट रहे थे 92 लाख; 29 लोग गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर भाजपा का नया अवतार: मीम्स और व्यंग्य से राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
नेपाल की बाढ़ त्रासदी: भारत हर संकट में पड़ोसी के साथ खड़ा – सलमान खुर्शीद
वह बेईमान नहीं हो सकते , इमरान खान के लिए रो पड़े जावेद मियांदाद, जेल की स्थिति पर जताई चिंता
15 साल की उम्र में कमाल: वैभव सूर्यवंशी का गेंदबाजी में सरप्राइज धमाका