सुभाष चंद्रा के आरोपों पर बिफरा रिलायंस, कहा- मीडिया का इस्तेमाल हमले के लिए नहीं होता
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रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि रिलायंस ने कभी भी अपने मीडिया संस्थानों का इस्तेमाल किसी पर हमला करने या एजेंडा चलाने के लिए नहीं किया है।

क्या हैं सुभाष चंद्रा के आरोप? हाल ही में जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने सुभाष चंद्रा के ₹22,006 करोड़ के कर्ज को मात्र ₹6.5 करोड़ में निपटाने की मंजूरी दी, तो यह मामला सुर्खियों में आ गया। इस घटनाक्रम के बाद सुभाष चंद्रा ने आरोप लगाया था कि रिलायंस उनके खिलाफ मीडिया में फेक न्यूज प्लांट करवा रही है।

रिलायंस का सख्त रुख इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रिलायंस के प्रवक्ता ने कहा, हम सुभाष चंद्रा द्वारा की गई बेबुनियाद टिप्पणियों पर निराशा जताते हैं। हमारे मीडिया ब्रांड्स की एक साख है और हमने कभी इनका इस्तेमाल किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं किया है और न ही भविष्य में करेंगे। रिलायंस ने यह भी कहा कि वे एक व्यवसायी के रूप में चंद्रा का सम्मान करते हैं और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

विवाद की जड़: ₹22 हजार करोड़ का कर्ज और ₹6.5 करोड़ का समझौता NCLT का यह फैसला वित्तीय जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। ₹22,006 करोड़ के कर्ज के बदले सिर्फ ₹6.5 करोड़ के भुगतान का अर्थ यह है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अपने मूल दावे का लगभग 99.97% हिस्सा हेयरकट के रूप में छोड़ना पड़ा है।

बैंकों में भारी असंतोष इस सेटलमेंट प्लान के खिलाफ HDFC बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस और केनरा बैंक जैसे बड़े कर्जदाताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका तर्क है कि रिकवरी की यह राशि बहुत कम है। हालांकि, चंद्रा का पक्ष यह है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इतना कर्ज नहीं लिया था, बल्कि उन्होंने एस्सेल ग्रुप की कंपनियों के लिए पर्सनल गारंटी दी थी, जिसका एक बड़ा हिस्सा पहले ही चुकाया जा चुका है।

क्या ये फैसला नजीर बनेगा? कानूनी गलियारों में अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या पर्सनल गारंटी के मामलों में इतनी भारी छूट भविष्य में अन्य दिवाला मामलों के लिए एक नई मिसाल (Precedent) पेश करेगी? फिलहाल, यह मामला न केवल वित्तीय नियमों, बल्कि कॉरपोरेट जगत की आपसी खींचतान के कारण भी चर्चा के केंद्र में बना हुआ है।

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