डीडवाना: राजस्थान के डीडवाना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। शेरनी आबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अब केवल नाम का अस्पताल बनकर रह गया है, जहाँ न तो इलाज की सुविधा है और न ही जिम्मेदार स्टाफ।
देर रात अंधेरे में डूबा मिला अस्पताल हाल ही में मेगा हाईवे पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। अस्पताल से चंद दूरी पर हुए इस हादसे के बाद परिजन अचेत पड़े घायल को लेकर तुरंत शेरनी आबाद सीएचसी पहुंचे। लेकिन, वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। पूरा अस्पताल परिसर घने अंधेरे में डूबा हुआ था।
डॉक्टर नदारद, जान पर बनी आफत परिजनों ने अस्पताल के कोने-कोने में डॉक्टर और स्टाफ को तलाशा, लेकिन वहां कोई भी मौजूद नहीं था। मरीज की हालत बेहद नाजुक थी और उसे तुरंत प्राथमिक उपचार की जरूरत थी। अंततः, लाचार परिजनों को बिना इलाज के ही मरीज को किसी निजी अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। आपातकालीन स्थिति में अस्पताल का बंद होना किसी बड़े अपराध से कम नहीं है।
शिकायतों के बाद भी सुध लेने वाला कोई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी इलाज के अभाव में एक मासूम बच्ची को मायूस होकर घर लौटना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को बार-बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन सिस्टम के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
हाईवे पर स्थित, फिर भी इमरजेंसी सेवाएं ठप शेरनी आबाद सीएचसी एक अति संवेदनशील मेगा हाईवे पर स्थित है, जहां हर रोज सड़क हादसे होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्थान पर रात में इमरजेंसी सेवाओं का बंद होना सीधे तौर पर लापरवाही की पराकाष्ठा है। यह ढीला प्रबंधन किसी भी दिन किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों ने किया बड़ा प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग अस्पताल की इस अराजकता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सीएचसी में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं बहाल नहीं की गईं और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
सवाल यह है कि आखिर आम जनता की जान से खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
डीडवाना जिले के शेरनी आबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं. रात में मेगा हाईवे दुर्घटना के अचेत घायल को सीएचसी लाने पर पूरा अस्पताल अंधेरे में डूबा मिला और कोई डॉक्टर या कर्मचारी मौजूद नहीं था. लाचार परिजनों को घायल को दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा. pic.twitter.com/Fb9s6OIepR
— Vicky Pratyax Singh Rathore (@VickyPratyax25) August 10, 2026
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