बीसीसीआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) इन दिनों सवालों के घेरे में है। भारतीय टीम के कई स्टार खिलाड़ी लगातार चोटिल हो रहे हैं, और कई ऐसे हैं जो वहां से ठीक होकर लौटने के कुछ ही समय बाद फिर से चोट की चपेट में आ गए।
इस मामले में सबसे बड़ा नाम हर्षित राणा का है। रिपोर्टों के अनुसार, जब उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया, तब उनका वजन 97 किलोग्राम था। मैदान पर उतरते ही उनकी हैमस्ट्रिंग दोबारा खिंच गई और वह फिर से रिहैब में लौट आए।
लक्ष्मण का बचाव और नया नजरिया
लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच, CoE के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने चुप्पी तोड़ी है। बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लक्ष्मण ने साफ किया कि CoE का काम सिर्फ अस्पताल की तरह काम करना नहीं है।
लक्ष्मण ने कहा, CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है। खिलाड़ियों को खेल के हर आयाम में उत्कृष्टता (Excellence) हासिल करने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका कहीं ज्यादा बड़ी है।
यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट का सहारा
खिलाड़ियों की फिटनेस पर उठ रहे सवालों के जवाब में लक्ष्मण ने बताया कि मैनेजमेंट अब फिटनेस को लेकर अधिक सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सीरीज के बीच में यो-यो टेस्ट करवाना संभव नहीं होता, इसलिए अब ब्रोंको टेस्ट का सहारा लिया जा रहा है।
लक्ष्मण के मुताबिक, ब्रोंको टेस्ट को एड्रियन ने तैयार किया है। इससे मैनेजमेंट को यह समझने में आसानी होती है कि खिलाड़ी मैच की थकान और डिमांड को झेलने के लिए कितना तैयार है।
बुमराह और सुदर्शन की चोट पर सफाई
जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ियों के श्रीलंका सीरीज से बाहर होने पर लक्ष्मण ने कहा कि उन्हें अलग-अलग मापदंडों पर परखने के बाद ही खेलने की मंजूरी दी जाती है। उन्होंने CoE और टीम मैनेजमेंट के बीच बेहतर तालमेल का दावा किया।
दोष मढ़ना हल नहीं
जब उनसे पूछा गया कि खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने के लिए कौन जिम्मेदार है, तो लक्ष्मण ने किसी एक व्यक्ति या विभाग पर उंगली उठाने से साफ इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, चोट लगना खिलाड़ी के करियर का हिस्सा है। हम दोष शब्द का इस्तेमाल नहीं करते, क्योंकि यह किसी को बलि का बकरा बनाने जैसा होगा। हमारा ध्यान सिर्फ बेहतर निगरानी व्यवस्था बनाने पर है।
फिलहाल, CoE में बुमराह, हार्दिक पांड्या, वाशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती समेत 13 से 14 खिलाड़ी अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं। अब देखना यह है कि लक्ष्मण का यह नया सिस्टम खिलाड़ियों को मैदान पर ज्यादा समय तक टिके रहने में कितनी मदद कर पाता है।
लेखक: शिवम
CoE is not merely a rehab centre. There are bigger roles to play for it in helping cricketers achieve excellence: CoE head VVS Laxman defines the role of BCCI CoE pic.twitter.com/Z7p64fNCRS
— Press Trust of India (@PTI_News) August 9, 2026
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