रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा हाल ही में घोषित सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के परिणाम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। रिजल्ट लिस्ट में न्यूज़ , स्पेस रानी , हे राम और भक्त प्रह्लाद जैसे अनोखे नाम देखकर लोग हैरान रह गए और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।
क्या है वायरल नामों का मामला? पीएससी के परिणाम आते ही अभ्यर्थियों ने जब सफल सूची देखी, तो न्यूज़ नाम के एक अभ्यर्थी को देखकर लोग दंग रह गए। इसके बाद स्पेस रानी , हे राम और मनबस जैसे नामों ने विवाद को और हवा दी। सोशल मीडिया पर इसे टाइपिंग की गलती या आयोग की लापरवाही मानकर आलोचना की जाने लगी। देखते ही देखते ये नाम मीम मटेरियल बन गए और परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाने लगे।
विपक्ष का हमला और सरकार पर तंज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लेकर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि न्यूज़ और स्पेस रानी की सफलता विष्णुदेव साय सरकार की उपलब्धि है। वहीं, कांग्रेस और बीजेपी के कई नेताओं ने आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की, ताकि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे।
आयोग ने दी सफाई बढ़ते विवाद को देखते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ये नाम किसी भी तकनीकी गड़बड़ी या डेटा एंट्री की गलती नहीं हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन के दौरान जो नाम दर्ज किए थे, परीक्षा परिणाम में वही प्रकाशित किए गए हैं। उनके प्रवेश-पत्रों (Admit Cards) में भी यही नाम दर्ज थे, जिनके आधार पर वे परीक्षा में शामिल हुए।
क्या कहते हैं वे अभ्यर्थी? विवादों के बीच जब संबंधित अभ्यर्थियों ने चुप्पी तोड़ी, तो मामला पूरी तरह साफ हो गया। रायगढ़ के 28 वर्षीय न्यूज़ ने स्पष्ट किया कि उनके सभी सरकारी दस्तावेजों, स्कूल-कॉलेज की मार्कशीट से लेकर आधार कार्ड तक में उनका यही नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी सरकारी परीक्षाओं में चयनित हो चुके हैं।
इसी तरह स्पेस रानी ने बताया कि आयोग ने सत्यापन के लिए उनसे दसवीं, बारहवीं की मार्कशीट और आधार कार्ड मांगा था, जिसे उन्होंने जमा कर दिया है। हे राम नामक अभ्यर्थी ने भी अपना आईडी कार्ड सार्वजनिक कर अपनी पहचान की पुष्टि की है।
विशेषज्ञों की राय शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि किसी का नाम उसके माता-पिता की पसंद या व्यक्तिगत निर्णय होता है। केवल नाम के असामान्य होने के आधार पर किसी की योग्यता पर सवाल उठाना तर्कहीन है। अंततः, भर्ती प्रक्रिया में नाम नहीं, बल्कि अभ्यर्थी की पात्रता और मेरिट ही निर्णायक होनी चाहिए।
अब सफल अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं, जो अक्टूबर में आयोजित की जाएगी।
*NEWS और SPACE RANI को CGPSC द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर प्री एग्जाम में सांय-सांय सफलता मिली है. दोनों को सांय-सांय बधाई.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) August 6, 2026
सनी लियोनि को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने के बाद ये विष्णुदेव जी की अभूतपूर्व उपलब्धि है.
एक करोड़ रुपए के प्रतिदिन विज्ञापन देकर जनसम्पर्क विभाग को… pic.twitter.com/QuRRIh2vw5
सीएम योगी का युवाओं की शादी पर विवादास्पद बयान, अखिलेश ने पूछा- आत्मकथा सुना रहे हैं?
UPI पेमेंट पर चार्ज का सच: क्या अब आपकी जेब पर पड़ेगा असर? सरकार ने दी बड़ी राहत
नासिक में भूकंप का तांडव: 24 घंटे में दो बार हिली धरती, लोगों में दहशत
छोटे शहरों का हुनर अब बनेगा भारत की पहचान: अदाणी ग्रुप की वंदे भारतम् पहल शुरू
पुराना दंगा अलायंस है PDA , अखिलेश यादव के फॉर्मूले पर मौलाना साजिद रशीदी का बड़ा हमला
भाई शांत हो जाओ , यशस्वी जायसवाल के साथ डेटिंग की खबरों पर मृणाल ठाकुर ने लगाई फुल स्टॉप
इंसान बना कुत्ता : 220 करोड़ की सर्जरी का दावा निकला फर्जी, जानिए क्या है वायरल वीडियो का सच
6, 6, 0, 6, 6: गुरनूर बराड़ के तूफानी ओवर ने मचाया कोहराम, वीडियो वायरल
वॉर्मअप मैच में सिक्सर किंग बना भारतीय गेंदबाज, गौतम गंभीर का रिएक्शन हुआ वायरल
टॉक्सिक ट्रेलर का धमाका: यश के खूंखार अवतार और धांसू विजुअल्स ने इंटरनेट पर मचाया तहलका