वैभव सूर्यवंशी का नया अवतार: जंगल सफारी के बाद अब दलीप ट्रॉफी में कप्तानी की तैयारी
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क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी अब एक नई भूमिका के लिए तैयार हैं। हाल ही में जंगल की शांति के बीच खुद को तरोताजा करने के बाद, यह युवा खिलाड़ी अब रेड-बॉल क्रिकेट में एक परिपक्व बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है।

जंगल सफारी: रोमांच और सुकून का संगम

वैभव सूर्यवंशी को हाल ही में महाराष्ट्र के वर्धा स्थित बोर टाइगर रिजर्व में देखा गया। चार घंटे लंबी इस जंगल सफारी के दौरान उन्होंने प्रकृति के करीब वक्त बिताया। हालांकि, बाघ देखने की उनकी हसरत पूरी हुई या नहीं, यह तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस छोटे से ब्रेक ने उन्हें मानसिक रूप से आगामी चुनौतियों के लिए तरोताजा कर दिया है।

तालेगांव कैंप में पसीना बहा रहे वैभव

सफारी से लौटते ही वैभव ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वह वर्तमान में महाराष्ट्र के तालेगांव में राजस्थान रॉयल्स की अकादमी में चल रहे 10 दिवसीय प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा ले रहे हैं। यहां उनका पूरा फोकस लाल गेंद (Red-Ball) के खिलाफ अपनी तकनीकी खामियों को दूर करने और क्रीज पर ज्यादा समय बिताने पर है।

विक्रम राठौड़ की निगरानी में तकनीकी सुधार

इस कैंप में वैभव की बल्लेबाजी पर भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच और राजस्थान रॉयल्स के कोच विक्रम राठौड़ करीब से नजर रख रहे हैं। टी20 के आक्रामक अंदाज के लिए मशहूर वैभव, अब रेड-बॉल क्रिकेट के लिए जरूरी धैर्य और तकनीक को अपने खेल में शामिल कर रहे हैं। कोच राठौड़ उन्हें लंबी पारियां खेलने की बारीकियां सिखा रहे हैं।

दलीप ट्रॉफी में बड़ी जिम्मेदारी

वैभव के लिए आगामी 2026 दलीप ट्रॉफी उनके करियर का अहम पड़ाव साबित हो सकती है। उन्हें न केवल ईस्ट जोन की टीम में चुना गया है, बल्कि उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इतनी कम उम्र में मिली यह जिम्मेदारी उनके नेतृत्व कौशल और खेल के प्रति गंभीरता की परीक्षा लेगी।

खुद को साबित करने का दबाव

फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में वैभव के आंकड़े अभी उनकी क्षमता के अनुरूप नहीं हैं। 10 मैचों में 17 की औसत से केवल 207 रन बनाने वाले वैभव के सामने दलीप ट्रॉफी में खुद को साबित करने का दबाव है। अब देखना यह है कि तालेगांव में की गई उनकी कड़ी मेहनत और विक्रम राठौड़ का मार्गदर्शन उन्हें इस बड़े मंच पर कितनी सफलता दिला पाता है।

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