19 साल पुराना वो कैच, जिसने आखिरी ओवर में तोड़ा PAK का सपना; आज भी बढ़ा देता है धड़कनें
News Image

24 सितंबर 2007 का दिन क्रिकेट इतिहास की किताबों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। जोहानिसबर्ग का वांडरर्स स्टेडियम, खचाखच भरी दर्शक दीर्घा और पहली बार आयोजित टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल। भारत और पाकिस्तान के बीच का यह मुकाबला महज एक मैच नहीं, बल्कि रोमांच की वह पराकाष्ठा थी जिसे आज 19 साल बाद भी याद कर फैंस की धड़कनें बढ़ जाती हैं।

गंभीर की पारी और भारत का सम्मानजनक स्कोर

टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। वीरेंद्र सहवाग की अनुपस्थिति में टीम थोड़ी लड़खड़ाई, लेकिन गौतम गंभीर ने जिम्मेदारी संभाली। गंभीर ने 54 गेंदों में 75 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को संकट से निकाला। अंत में रोहित शर्मा की तेज-तर्रार बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 20 ओवर में 157/5 का स्कोर खड़ा किया।

जब पाकिस्तान की कमर टूटी

158 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। आरपी सिंह ने शुरुआती झटके दिए, तो रॉबिन उथप्पा की फील्डिंग ने इमरान नजीर को रन आउट कर पाकिस्तान की उम्मीदें कम कर दीं। एक समय पाकिस्तान 77 रन पर 6 विकेट गंवाकर हार की कगार पर खड़ा था। लेकिन मिस्बाह-उल-हक ने हार नहीं मानी और मैच को रोमांचक मोड़ पर ले आए।

धोनी का वह साहसी फैसला

मैच अंतिम ओवर तक खिंच गया। पाकिस्तान को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे और क्रीज पर सेट बल्लेबाज मिस्बाह थे। महेंद्र सिंह धोनी ने अनुभवी गेंदबाजों के बजाय युवा जोगिंदर शर्मा पर भरोसा जताया। जोगिंदर की पहली गेंद वाइड रही, फिर मिस्बाह ने लॉन्ग-ऑफ पर छक्का जड़ दिया। अब भारत की हार लगभग तय लग रही थी।

वह ऐतिहासिक कैच, जिसने बदल दी तकदीर

जीत के लिए 4 गेंदों में 6 रनों की दरकार थी। मिस्बाह ने जोगिंदर की गेंद पर फाइन लेग के ऊपर से स्कूप शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में लहरा गई। शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े एस. श्रीसंत ने गेंद को अपनी नजरों में रखा और जैसे ही उन्होंने कैच पकड़ा, वांडरर्स स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया और करोड़ों भारतीय जश्न में डूब गए।

मिस्बाह 43 रन बनाकर आउट हुए और पाकिस्तान 152 रन पर सिमट गया। भारत ने 5 रनों से रोमांचक जीत दर्ज कर पहला टी20 विश्व कप अपने नाम किया। वह कैच आज भी क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में शुमार है, क्योंकि उसी एक गेंद ने विश्व चैंपियन होने का गौरव भारतीय टीम को दिलाया था।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

दिल्ली में सियासी हलचल: पीएम मोदी से मिले CM योगी, यूपी की राजनीति पर हुई महामंथन

Story 1

गुरनूर बराड़ का तूफानी अंदाज: आखिरी ओवर में जड़े 4 छक्के, भारत मजबूत स्थिति में

Story 1

मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं : IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में PM मोदी का चुटीला अंदाज और दूरदर्शी संदेश

Story 1

गद्दारों को फाफड़ा-जलेबी खिलाने का वक्त है, पर संसद आने का नहीं! - पीएम मोदी पर संजय राउत का तीखा प्रहार

Story 1

कोपरा गांव के नन्हें पर्यावरण रक्षकों का कमाल: 100 पौधे रोपकर ली सुरक्षा की शपथ

Story 1

आगरा: मौत का जाल बने सीवर के गड्ढे में समाया ऑटो, मची अफरा-तफरी

Story 1

मूर्ति पूजा, दुष्कर्म से बड़ा अपराध : विवादित बयान के बाद NRI मुफ्ती यासिर नदीम पर FIR

Story 1

यूपी मिशन 2027: भाजपा का चुनावी मास्टरस्ट्रोक , नई टीम के साथ मिशन मोड में पार्टी

Story 1

कौन हैं कैम्बेल थॉम्सन? बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच में बरपाया कहर, अकेले झटके 8 विकेट

Story 1

2 अप्रैल 2011 की वह जादुई रात: धोनी का वो छक्का, जो सुनील गावस्कर अपनी आखिरी सांस तक देखना चाहते हैं