बलूचिस्तान की आजादी की मांग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नए चरण में प्रवेश कर गई है। पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर निकलकर एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता पाने के लिए एक ग्लोबल पेटिशन (वैश्विक याचिका) की शुरुआत की गई है। इस अभियान के जरिए दुनिया भर की सरकारों से बलूच जनता की आकांक्षाओं के समर्थन की अपील की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है। इसमें बलूच लोगों के साथ हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन, जबरन गुमशुदगी (Enforced Disappearances) और राजनीतिक दमन का जिक्र किया गया है। अभियान चलाने वालों का कहना है कि बलूच समाज हमेशा से धर्मनिरपेक्ष और उदार रहा है, लेकिन उन्हें अपने ही संसाधनों के लाभ से वंचित रखा गया है।
याचिका में ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा गया है कि ब्रिटिश शासन के खात्मे के बाद 11 अगस्त 1947 को बलूचिस्तान ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी। हालांकि, 27 मार्च 1948 को पाकिस्तानी सेना के प्रवेश के साथ ही बलूचिस्तान की संप्रभुता का अंत हो गया। याचिका के अनुसार, आज बलूचिस्तान की 6 करोड़ (60 मिलियन) आबादी अपनी खोई हुई आजादी की बहाली के लिए संघर्ष कर रही है।
बलूचिस्तान गैस, खनिजों और अन्य बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान सरकार ने इन संसाधनों का उपयोग अपने हितों के लिए किया है, जबकि बलूचिस्तान के मूल निवासी आज भी बुनियादी विकास और सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इसी असंतोष ने अलग देश की मांग को और अधिक तेज कर दिया है।
इस वैश्विक याचिका के माध्यम से दुनिया के विभिन्न देशों से छह बड़ी मांगें रखी गई हैं:
इस अभियान को गति देने के लिए सोशल मीडिया पर #IStandWithRepublicOfBalochistan हैशटैग का व्यापक उपयोग हो रहा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि बलूचिस्तान की स्वतंत्रता न केवल वहां के लोगों के लिए न्याय का प्रतीक होगी, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए भी एक बड़ा कदम साबित होगी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस नई और मुखर मांग पर क्या प्रतिक्रिया देता है, क्योंकि बलूचिस्तान का मुद्दा लंबे समय से वैश्विक मानवाधिकार संगठनों और भू-राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहा है।
GLOBAL PETITION CALLING ON GOVERNMENTS TO RECOGNIZE THE REPUBLIC OF BALOCHISTAN
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) August 3, 2026
To:
The Government of ______________________
______________________________________
_______________________________________
Subject: Request for Recognition of the Republic of Balochistan and… pic.twitter.com/foON71zUFQ
E20 पेट्रोल पर राहुल गांधी का तीखा हमला: बोले- यह दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है
‘सरकार झुकती है, बस आवाज एक साथ उठनी चाहिए’: राहुल गांधी की प्रयागराज हुंकार से पहले भाजपा पर कड़ा प्रहार
पढ़ाई की उम्र में शादी का क्रेज : 10वीं के छात्र-छात्रा की शादी का वीडियो वायरल, पिता को आया हार्ट अटैक
2027 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई टीम पर छिड़ा विवाद, आकाश चोपड़ा ने दी बड़ी रेटिंग
उमर खालिद की समर्थक है, इसलिए नहीं करता पसंद : रांची में छात्रा नेता पर स्याही फेंकने के बाद आरोपी की खुली जुबान
विराट कोहली और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट साक्षी चौधरी का वो कनेक्शन, जो अब तक था राज
मेकेदातु बांध पर तमिलनाडु विधानसभा में आर-पार: सीएम विजय और उदयनिधि स्टालिन आमने-सामने
अनुच्छेद 370 पर ज्ञान देने चले थे शहबाज शरीफ, उमर अब्दुल्ला ने दिखाया आईना
मोदी तुम्हारे पापा हैं ना : जंतर-मंतर वाली नीशू का नया वीडियो वायरल, BJP समर्थकों पर साधा निशाना
97 की उम्र में विमान के पंख पर खड़ी बुजुर्ग महिला: क्या हमारी मांएं ऐसा क्यों नहीं कर सकतीं?