बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर चुनिंदा राजनीति करने का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी केवल उन्हीं बच्चों को आगे रखते हैं जो उनके नैरेटिव में फिट बैठते हैं, जबकि झारखंड के बच्चों के संघर्ष और उनकी तकलीफों पर वे पूरी तरह मौन हैं।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे देश में झूठ की कहानी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, राहुल गांधी जिस तरह का चुनिंदा नजरिया अपना रहे हैं, वह देश के लिए खतरनाक है। मैं उन बच्चों से कहना चाहता हूं जो आज राहुल गांधी के साथ थे कि वे निडर रहें और इस झूठे नैरेटिव को पहचानें।
पात्रा ने स्पष्ट किया कि उनकी यह प्रेस कॉन्फ्रेंस राहुल गांधी के लिए है, बच्चों के लिए नहीं। उन्होंने कहा, बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें राजनीति में घसीटना गलत है। दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना बंद होना चाहिए। पात्रा ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी को झारखंड के उन बच्चों से भी बात करनी चाहिए जो अपने हक के लिए विरोध कर रहे हैं।
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई कथित फायरिंग के आरोपों को पात्रा ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, हमने पहले भी जिम्मेदारी के साथ कहा था कि उस दिन कोई गोली नहीं चली थी। यह एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है, जिस पर विपक्ष को अफवाह नहीं फैलानी चाहिए।
राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह के सदन में मौजूद न रहने के आरोपों पर पात्रा ने पलटवार किया। उन्होंने पूछा, राहुल जी, क्या आप सदन को चलने दे रहे हैं? आपके और आपके सांसदों के हंगामे के कारण सदन दो मिनट में ही स्थगित करना पड़ता है। जब गृह मंत्रालय से संबंधित चर्चा होगी, तो अमित शाह सदन में जरूर मौजूद रहेंगे।
मुस्कान खान के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए पात्रा ने कहा कि चाहे कोई भी बेटी हो, वह पूरे देश की है। उन्होंने राहुल गांधी पर देश को धार्मिक आधार पर बांटने का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। पात्रा ने अंत में कहा कि भारत सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चलता है और राहुल गांधी की ये विभाजनकारी राजनीति कभी सफल नहीं होगी।
#WATCH | Delhi: BJP MP Sambit Patra says, The children of Jharkhand are children, too. They, too, are protesting. Rahul Gandhi should interact with some of the children from Jharkhand as well. He should understand their pain and suffering... Regarding this selective approach,… pic.twitter.com/faOag5DBXX
— ANI (@ANI) August 5, 2026
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