कॉकरोच जनता पार्टी का नया बिगुल: दलबदल और व्यवस्था के खिलाफ प्रेशर ग्रुप बनकर लड़ेगी नई जंग
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नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक ऐतिहासिक आंदोलन चलाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब एक नई रणनीति के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। छत्रपति संभाजीनगर में अभिजीत दिपके के आवास पर आयोजित हुई कोर कमेटी की दो दिवसीय बैठक में संगठन ने दलबदल की राजनीति और गिरते लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने का फैसला किया है।

अभिजीत दिपके के घर पर मंथन बैठक में सौरव दास, यतीन गोयल, वैष्णवी गौर, रत्ना सिंह, अक्षय मराठे, अजिंक्य शिंदे और आशुतोष रांका सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार और भविष्य के आंदोलनों की रूपरेखा तय करना है। दिपके ने संकेत दिए हैं कि संगठन जल्द ही अपने अगले रोडमैप का सार्वजनिक एलान करेगा।

लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बढ़ा संकट अभिजीत दिपके ने देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि न्यायपालिका, मीडिया, चुनाव आयोग और शिक्षा व्यवस्था जैसी संवैधानिक संस्थाओं से जनता का भरोसा कम हो रहा है। उन्होंने दलबदल की राजनीति को जनादेश का अपमान बताया। दिपके के अनुसार, आज मतदाता जिस दल को चुनता है, वह दलबदल से अस्थिरता पैदा करता है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र के लिए खतरा है।

चुनावी राजनीति से दूर, प्रेशर ग्रुप की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए दिपके ने साफ किया कि CJP फिलहाल चुनावी राजनीति में नहीं उतरेगी। उन्होंने कहा, देश को अभी नए राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि एक मजबूत दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) की जरूरत है। संगठन का लक्ष्य सरकार और व्यवस्था पर जनता से जुड़े मुद्दों, जैसे बेरोजगारी, आर्थिक संकट और ई20 ईंधन की नीतियों पर प्रभावी दबाव बनाना होगा।

पीड़ित छात्रों के साथ खड़ा है संगठन सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज और हिंसा के शिकार हुए छात्रों को संगठन लगातार कानूनी और चिकित्सा सहायता दे रहा है। कई राज्यों में छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस कराने में कामयाबी मिली है, और अब सोशल मीडिया पर छात्राओं के खिलाफ चलाए गए अभियान के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

नीट पीड़ित परिवार का दर्द और न्याय की मांग बैठक के दौरान हिंगोली से आए एक पीड़ित परिवार ने अभिजीत दिपके से मुलाकात की। परिवार ने बताया कि उनके बेटे ने नीट परीक्षा में पेपर लीक के सदमे और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली थी। इस मुलाकात ने संगठन के इरादों को और मजबूत कर दिया है।

गौरतलब है कि हाल ही में 36 दिनों के लंबे जंतर-मंतर आंदोलन के बाद सीजेपी का प्रभाव बढ़ा है, जिसे शिक्षा जगत में बड़े बदलाव और सरकार पर दबाव बनाने के रूप में देखा जा रहा है। कल दोपहर 2 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन अपनी अगली रणनीति का बड़ा खुलासा करेगा।

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