11 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया पानी का बिजनेस, अब साल की कमाई 28 लाख के पार
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क्या आप अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अनिश्चित भविष्य की ओर कदम बढ़ाने की हिम्मत जुटा सकते हैं? सोशल मीडिया पर एक शख्स की कहानी वायरल हो रही है, जिसने बेंगलुरु की 11 लाख रुपये सालाना की नौकरी को ठोकर मारी और आज वह अपनी पुरानी सैलरी से दोगुना से भी ज्यादा कमा रहा है।

कॉर्पोरेट की दौड़ से घर वापसी अंकित पांडे ने एक्स (ट्विटर) पर अपने दोस्त की सफलता की कहानी साझा की है। उनके दोस्त बेंगलुरु में एक प्रतिष्ठित कंपनी में 11 लाख रुपये के पैकेज पर काम कर रहे थे। प्रमोशन और कॉर्पोरेट लाइफ की भागदौड़ से तंग आकर उन्होंने इस्तीफा दिया और अपने गृहनगर लौट आए।

300 घरों तक पहुंचाई सुविधा घर लौटने के बाद उन्होंने अपनी खाली पड़ी जमीन पर एक वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट (पानी शुद्ध करने का संयंत्र) लगाया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर घरों और दुकानों तक साफ पीने का पानी पहुंचाने का काम शुरू किया। आज उनकी मेहनत का नतीजा यह है कि वे करीब 300 घरों और दुकानों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

गणित जो बदल गया जिंदगी उनके बिजनेस का मॉडल सीधा और स्पष्ट है। वे हर दिन लगभग 300 पानी के कैन सप्लाई करते हैं। एक कैन की कीमत 30 रुपये है, जिससे उनकी दैनिक बिक्री 9,000 रुपये तक पहुंचती है। इस हिसाब से महीने का टर्नओवर करीब 2.7 लाख रुपये होता है।

बचत का मजबूत आधार किसी भी बिजनेस में खर्च भी होते हैं। उनके मामले में बिजली और जल शोधन पर 15,000 रुपये और डिलीवरी/ट्रांसपोर्टेशन पर 20,000 रुपये का खर्च आता है। चूंकि प्लांट उनकी अपनी जमीन पर है, इसलिए उन्हें किराए का कोई बोझ नहीं उठाना पड़ता। सभी खर्च काटने के बाद भी उन्हें हर महीने लगभग 2.35 लाख रुपये का शुद्ध लाभ होता है। यानी सालाना कमाई 28 लाख रुपये से अधिक है।

जरूरत को बिजनेस बनाना ही असली कामयाबी अंकित पांडे का कहना है कि हर सफल बिजनेस को चमकदार होने की जरूरत नहीं है। उनके दोस्त ने उस चीज को चुना जो हर व्यक्ति की दैनिक जरूरत है—साफ पानी। उन्होंने अपनी पोस्ट के जरिए लोगों से पूछा है कि क्या वे 11 लाख की सुरक्षित नौकरी चुनेंगे या जोखिम भरा मगर मुनाफे वाला अपना बिजनेस?

सोशल मीडिया पर लोग इस साहस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यह कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक सबक है जो नौकरी की सुरक्षा के जाल में फंसकर अपने बड़े सपनों को मार देते हैं। स्पष्ट योजना और धैर्य हो, तो सादगी भरा काम भी बड़ी सफलता की इबारत लिख सकता है।

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