परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। कोर्ट की इस टिप्पणी का कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्वागत करते हुए इसे देश के युवाओं की बड़ी जीत करार दिया है।
क्या स्पष्ट किया सुप्रीम कोर्ट ने? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने कहा कि उनके पूर्व के आदेश में इस्तेमाल किए गए क्रिमिनल एंटीसिडेंट्स (आपराधिक रिकॉर्ड) शब्द का अर्थ केवल हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों से है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले या लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले छात्रों को इस श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
राज्य सरकारों को मिली छूट इस मौखिक स्पष्टीकरण के बाद राज्य सरकारों के लिए रास्ता साफ हो गया है। अब सरकारें कानून के दायरे में रहकर छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने, केस बंद करने या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए स्वतंत्र हैं। कोर्ट ने संकेत दिया है कि भविष्य में वह अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग कर इन मामलों को पूरी तरह समाप्त करने का आदेश भी दे सकता है।
क्या बोले सौरव दास? कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, यह देश के उन युवाओं की जीत है जो परीक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। अदालत की टिप्पणी से यह सुनिश्चित हो गया है कि सामान्य छात्रों को अब भविष्य में किसी अनावश्यक कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
क्या था पूरा मामला? 20 जुलाई को पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान संसद मार्च निकालने की कोशिश के समय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। छात्रों की मांग थी कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार हो और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें।
लिखित आदेश का है इंतजार हालांकि कोर्ट के मौखिक रिमार्क्स ने छात्रों को बड़ी राहत दी है, लेकिन अंतिम कानूनी प्रक्रिया विस्तृत लिखित आदेश आने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यह साफ है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त लोगों को यह राहत नहीं मिलेगी, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए राहत के द्वार खुल गए हैं।
#WATCH | दिल्ली: छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट की सफाई पर कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, आज देश के छात्रों और युवाओं के लिए एक और बड़ी जीत हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि दिल्ली समेत सभी राज्यों को यह छूट होगी कि वे FIR… pic.twitter.com/qAojQ7zBJk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 3, 2026
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