देवभूमि उत्तराखंड का चंपावत जिला केवल प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र नहीं है, बल्कि यह इतिहास और गहरी आस्था का मिलन स्थल भी है। यहां स्थित प्राचीन बालेश्वर मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और रहस्यमयी इतिहास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
सावन के पावन महीने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मंदिर की भव्यता को नमन करते हुए इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मंदिर का एक वीडियो साझा कर श्रद्धालुओं को इस पवित्र धाम के दर्शन करने का आग्रह किया है।
क्या कहते हैं मुख्यमंत्री धामी? मुख्यमंत्री ने कहा कि बालेश्वर मंदिर भगवान शिव की असीम कृपा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने मंदिर में पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी हर नक्काशी सदियों पुरानी शिल्पकला की गौरवगाथा सुनाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, चंपावत आने वाले हर श्रद्धालु को यहां आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव जरूर करना चाहिए।
चंद वंश और वास्तुकला का संगम पिथौरागढ़ से करीब 76 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर परिसरों का एक समूह है, जिसमें बालेश्वर, रत्नेश्वर और चंपावती दुर्गा के मंदिर शामिल हैं। इसका निर्माण चंद वंश के शुरुआती राजाओं द्वारा 10वीं से 12वीं शताब्दी के बीच कराया गया था।
मंदिर की छतों और दीवारों पर की गई जटिल नक्काशी आज भी प्राचीन कारीगरों की उत्कृष्टता का प्रमाण देती है। यह मंदिर उस दौर की वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है।
नागों की राजधानी और चंपावती की कथा लोक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान कभी नागों की राजधानी हुआ करता था। कहा जाता है कि भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर का नाम चंपावती के नाम पर रखा गया, जिन्होंने यहीं ध्यान किया था।
आज भी इस मंदिर परिसर को बहुत पवित्र माना जाता है और चंद राजाओं के समय से ही देवी चंपावती को यहां का रक्षक माना जाता है। सावन के महीने में शिव भक्तों के लिए यह स्थान आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरता है।
*देवभूमि उत्तराखंड के चंपावत जनपद में स्थित प्राचीन बालेश्वर मंदिर भगवान शिव की दिव्य आस्था, समृद्ध इतिहास और अद्भुत स्थापत्य कला का अनुपम संगम है। पत्थरों पर उकेरी गई इसकी बेजोड़ नक्काशी और प्राचीन शिल्पकला सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत की गौरवगाथा सुनाती है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 3, 2026
अपने चंपावत आगमन… pic.twitter.com/lsedEDlYar
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