वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियां अब जोर पकड़ रही हैं। 2023 की कड़वी यादों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम एक मजबूत स्क्वाड बनाने में जुटी है। इस चर्चा के बीच एक नाम जो लगातार सुर्खियों में है, वह है अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार। आखिर क्यों साउथ अफ्रीका की पिचों पर भुवी को टीम में शामिल करना भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है? आइए जानते हैं:
दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती हैं। जोहान्सबर्ग और केपटाउन जैसी जगहों पर शुरुआती ओवरों में हवा और नमी स्विंग गेंदबाजों को जबरदस्त मदद देती है। भुवनेश्वर कुमार दुनिया के उन चुनिंदा गेंदबाजों में से हैं जो बिना अतिरिक्त गति के भी नई गेंद को दोनों तरफ लहरा सकते हैं। उनकी यह कला साउथ अफ्रीकी पिचों पर किसी भी बल्लेबाज के लिए सिरदर्द साबित हो सकती है।
वनडे मैचों में शुरुआती 10 ओवर (पावरप्ले) परिणाम तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। अपनी सटीक लेंथ और स्विंग के दम पर भुवी पावरप्ले में न केवल रनों पर लगाम लगाते हैं, बल्कि विपक्षी बल्लेबाजों को गलत शॉट खेलने पर मजबूर भी करते हैं। साउथ अफ्रीका में विपक्षी टीम के शीर्ष क्रम को जल्दी पवेलियन भेजने के लिए भुवी की सटीक गेंदबाजी टीम इंडिया के बहुत काम आएगी।
सिर्फ नई गेंद ही नहीं, भुवी आखिरी ओवरों में भी अपनी विविधताओं (Variations) के लिए जाने जाते हैं। उनकी नकल बॉल को समझना दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों के लिए भी मुश्किल रहा है। साउथ अफ्रीकी पिचों पर जहां गेंद में अतिरिक्त उछाल होता है, वहां भुवी की धीमी गति की गेंदें बल्लेबाजों के लिए जाल साबित हो सकती हैं।
वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में केवल स्किल ही नहीं, बल्कि दबाव को झेलने का जज्बा भी चाहिए। 2012 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे भुवनेश्वर के पास आईसीसी टूर्नामेंट्स का लंबा अनुभव है। बुमराह और सिराज जैसे गेंदबाजों के साथ मिलकर उनका अनुभव टीम की बॉलिंग यूनिट को अधिक संतुलित और परिपक्व बनाएगा।
आधुनिक वनडे क्रिकेट में हर टीम बैटिंग डेप्थ चाहती है। भुवनेश्वर कुमार एक तकनीकी रूप से सक्षम बल्लेबाज भी हैं। जरूरत पड़ने पर वे निचले क्रम में आकर उपयोगी 30-40 रन बना सकते हैं और मैच फिनिश करने की क्षमता भी रखते हैं। यह गुण उन्हें टीम के लिए एक वैल्यू-एड खिलाड़ी बनाता है।
टीम इंडिया में वापसी की चर्चाओं के बीच भुवनेश्वर कुमार ने स्पष्ट किया है कि वे दबाव में नहीं खेल रहे हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा, मैंने भारत के लिए खेलने का सपना पूरा कर लिया है। अब मैं सिर्फ खेल के प्रति अपने प्यार के लिए क्रिकेट खेल रहा हूं। मैं घरेलू क्रिकेट खेलकर खुद को पूरी तरह फिट और तैयार रख रहा हूं।
भले ही भुवनेश्वर ने वापसी को लेकर अपनी कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई है, लेकिन उनकी फॉर्म और परिस्थितिजन्य अनुभव को देखते हुए चयनकर्ता उन्हें नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे। साउथ अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए यह स्विंग मास्टर वास्तव में भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
🔴 I DON T PLAY FOR AN INDIA COMEBACK ANYMORE - BHUVI 🤯
— Sam (@cricsam02) August 2, 2026
Bhuvneshwar Kumar said🎙️: He has already fulfilled his dream of playing for India, so making a comeback is no longer his main goal.
- He explained that he now plays purely for the love of cricket. However, he remains… pic.twitter.com/4i4ViZ2ee5
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