दिल्ली के सरकारी स्कूलों का बड़ा कदम: 24 छात्र जर्मनी-जापान के लिए रवाना, अब विदेश में मिलेगी ट्रेनिंग और स्टाइपेंड
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दिल्ली के सरकारी स्कूलों (‘सीएम श्री’ और ‘स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस’) के 24 छात्र एक नई वैश्विक यात्रा पर निकल पड़े हैं। ये प्रतिभाशाली छात्र जर्मनी और जापान में उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

APAL प्रोग्राम से मिल रहा सुनहरा मौका इन छात्रों को विशेष APAL (Ausbildung Programm fur Auszubildende in Deutschland) प्रोग्राम के तहत विदेश भेजा गया है। यह दिल्ली सरकार और जर्मनी के बीच एक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी है। इसके जरिए सरकारी स्कूलों के 12वीं पास छात्रों को जर्मनी में 3 से 3.5 साल की टेक्निकल ट्रेनिंग और वर्क प्रोग्राम में भाग लेने का अवसर मिलता है।

पढ़ाई के साथ होगी कमाई इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत डुअल वोकेशनल ट्रेनिंग है। छात्रों को न केवल क्लासरूम में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें जर्मन इंडस्ट्री में काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दौरान छात्रों को हर महीने स्टाइपेंड (भत्ता) भी दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

जापान में भी लहराएंगे परचम केवल जर्मनी ही नहीं, बल्कि दिल्ली के छात्र जापान का भी रुख कर रहे हैं। इस बैच में शामिल दो छात्रों को जापान के प्रसिद्ध फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्कॉलरशिप मिली है। इसके अलावा, एक छात्र को जर्मनी की प्रतिष्ठित RWTH आचेन यूनिवर्सिटी में दाखिला मिला है और दो अन्य छात्रों को जापान सरकार की प्रतिष्ठित MEXT स्कॉलरशिप हासिल हुई है।

बढ़ रहा है छात्रों का उत्साह शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दूसरे बैच को विदाई देते हुए छात्रों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली का भविष्य अब दुनिया को समझने के लिए तैयार है। गौरतलब है कि पिछले साल इस प्रोग्राम के तहत केवल 14 छात्र विदेश गए थे, लेकिन इस साल यह संख्या बढ़कर 24 हो गई है। यह बढ़ती संख्या दिल्ली सरकार की शिक्षा प्रणाली में हो रहे बदलावों का स्पष्ट संकेत है।

भाषा और संस्कृति की मिलेगी ट्रेनिंग जर्मनी जाने से पहले इन छात्रों को वहां की भाषा यानी जर्मन भाषा और इंटरकल्चरल ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे उन्हें वहां की कार्यसंस्कृति और रहन-सहन में ढलने में आसानी होगी। यह पहल दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए वैश्विक स्तर पर अवसरों के नए द्वार खोलने का काम कर रही है।

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