नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर निर्माण और चढ़ावे में हेरफेर को लेकर भाजपा पर तीखे हमले किए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर में भ्रष्टाचार का खेल निर्माण शुरू होने से बहुत पहले ही शुरू हो गया था।
शिलापूजन से शुरू हुई चोरी प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चंदे की चोरी हाल की बात नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें शिलापूजन के समय से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, मैं यह तो नहीं कहता कि भाजपा में सभी चंदा चोर हैं, लेकिन जिम्मेदारी के साथ यह जरूर कहता हूं कि सारे चंदा चोर भाजपा में ही हैं।
मंदिर नहीं, चुनाव प्रिय था मोदी को कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण भाजपा ने नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के समय मंदिर का अधूरा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया गया, जो कि एक अशुभ कार्य था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस कार्यक्रम में शंकराचार्यों को आमंत्रित क्यों नहीं किया गया।
जमीन घोटाले का गंभीर आरोप तिवारी ने दावा किया कि मंदिर निर्माण के दौरान करोड़ों का घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2 करोड़ रुपये की जमीन को मात्र 10 मिनट के अंतराल में 18 करोड़ रुपये में बेचा गया। उनके अनुसार, ऐसे सात बड़े सौदे हुए जिनमें सर्किल रेट से 17 गुना अधिक भुगतान किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दान में मिले सोने-चांदी को पिघलाकर बेचा गया और उस पैसे को शेयर बाजार में लगाया गया।
जवाबदेही किसकी? कांग्रेस सांसद ने सीधे तौर पर पीएम मोदी से जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मंदिर ट्रस्ट में सब कुछ ठीक था, तो चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने इस्तीफा क्यों दिया? उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में साधु-संतों को किनारे कर केवल भाजपा और संघ से जुड़े लोगों को रखा गया, जिससे इसकी निष्पक्षता खत्म हो गई।
भाजपा कभी मंदिर नहीं बनाना चाहती थी तिवारी ने याद दिलाया कि दशकों तक भाजपा ने राम मंदिर के नाम पर सिर्फ राजनीति की है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई सरकार बनी, भाजपा ने बहाने बनाकर मंदिर निर्माण को टाला। उनके अनुसार, भाजपा मंदिर नहीं चाहती थी, बल्कि वह सिर्फ मंदिर का मुद्दा जिंदा रखकर चुनावी फायदा उठाना चाहती थी।
#WATCH | Delhi: Congress MP Pramod Tiwari says, The BJP did not build this temple. The temple was built following a Supreme Court order... By the time it was constructed, the parliamentary elections were underway. For Modi-ji, the election seemed more important than the temple.… pic.twitter.com/YIQceIBS1F
— ANI (@ANI) August 2, 2026
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