वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अभी समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक अखाड़े में अभी से तलवारें खिंच गई हैं। अयोध्या राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मुद्दे पर संसद परिसर में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के बाद वाराणसी के कोतवाली थाने में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। संतों की शिकायत पर दर्ज इस मामले ने सूबे की राजनीति में उबाल ला दिया है।
चंदे की पारदर्शिता पर सवाल, धर्म का अपमान नहीं कांग्रेस नेता मीता चक्रवर्ती ने इस एफआईआर को आधारहीन बताया है। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर एकत्रित चंदे की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए। उन्होंने तीखे सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि सोना, चांदी या नकदी चोरी होती है और ट्रस्टी इस्तीफा देते हैं, तो यह कुप्रबंधन को दर्शाता है। कांग्रेस का तर्क है कि इस मुद्दे को उठाना धर्म का अपमान नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी है।
इमरान मसूद बोले- यह महज एक प्रायोजित ड्रामा सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस एफआईआर को भाजपा द्वारा आयोजित नाटक करार दिया है। इमरान मसूद ने कहा कि असली मुद्दा चंदे की चोरी का है, जिससे ध्यान भटकाने के लिए यह कानूनी हथकंडा अपनाया जा रहा है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि दान की चोरी के तथ्य उजागर हो चुके हैं और भाजपा चाहे जो कर ले, इसका जवाब जनता और जनता के आराध्य ही देंगे।
आरएसएस की भूमिका पर सपा का बड़ा प्रहार समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने इस मामले में सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को घेरा है। उन्होंने सवाल किया कि राम मंदिर के प्रबंधन और प्रशासनिक मामलों में आरएसएस की भूमिका क्या है? राय ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने नेटवर्क के जरिए आम जनता को गुमराह कर रही है और मंदिर का प्रबंधन साधु-संतों के हाथों में होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक संगठन के।
2027 के चुनाव का न्यूक्लियर मुद्दा बनेगा राम मंदिर? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह एफआईआर केवल एक कानूनी कार्रवाई नहीं है, बल्कि 2027 के चुनाव के लिए एक मास्टरस्ट्रोक या विस्फोट की शुरुआत है। विपक्ष जहां चंदे के गबन को भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाकर जनता के बीच ले जा रहा है, वहीं भाजपा इसे सनातन धर्म के अपमान के रूप में पेश कर रही है।
आने वाले दिनों में अयोध्या, राम मंदिर प्रबंधन और आस्था से जुड़े ये मुद्दे उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र बिंदु बनने वाले हैं। यह टकराव यह तय करेगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में विकास के मुद्दों के बीच धार्मिक ध्रुवीकरण का पलड़ा कितना भारी रहेगा।
*#WATCH | Kolkata, West Bengal: On FIR against Rahul Gandhi and others in Varanasi, Congress leader Meeta Chakraborty says, ... You have to realise one thing: when donations are collected in the name of Ram, there must be accountability. If cash, gold or silver is stolen and… pic.twitter.com/3hb6SLv9JQ
— ANI (@ANI) August 2, 2026
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